भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के कानपुर चैप्टर द्वारा एक भव्य महत्वपूर्ण सेमिनार का सफल आयोजन हुआ

0
10

कानपुर।भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के कानपुर चैप्टर द्वारा शनिवार को होटल डीएनजी द ग्रैंड में “डिकोडिंग न्यू लेबर कोड्स” कंपनी सचिवों की भूमिका” विषय पर एक भव्य सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आईएएस सौम्या पांडे (अतिरिक्त श्रम आयुक्त एवं निदेशक, ईएसआईएस, उत्तर प्रदेश) रहीं इन्होंने अपने उद्बोधन में उन्होंने नई श्रम संहिताओं की पृष्ठभूमि,उद्देश्य एवं प्रमुख संशोधनों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पूर्व में लागू 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित कर अब चार श्रम संहिताओं में परिवर्तित किया गया है-वेतन संहिता,औद्योगिक संबंध संहिता,सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा,स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता। उन्होंने कहा कि यह सुधार अनुपालन को सरल बनाते हुए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा एवं व्यवसाय करने में सुगमता को बढ़ावा देता है। मुख्य वक्ता सीएस मनोज कपूर ने नई श्रम संहिताओं की व्यावहारिक व्याख्या करते हुए कंपनी सचिवों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनुपालन प्रबंधन,बोर्ड परामर्श, नीतिगत ढांचे के निर्माण एवं कॉर्पोरेट गवर्नेस में कंपनी सचिवों की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अपराधों का अपराधमुक्तिकरण एवं समझौता प्रावधान एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम जीवन स्तर के आधार पर निर्धारित “फ्लोर वेज” से से नीचे कोई राज्य न्यूनतम वेतन तय नहीं कर सकेगा। चैप्टर के चेयरमैन सीएस आशीष बंसल ने कहा कि यह कार्यक्रम सदस्यों की व्यावसायिक क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चैप्टर सचिव सीएस जागृति मिश्रा ने कहा कि अब वेतन की एक समान परिभाषा लागू होने से पीएफ, ग्रेच्युटी एवं बोनस की गणना पारदर्शी होगी। इन सुधारों से न्यूनतम वेतन मानकीकृत होगा, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा तथा अनुपालन प्रक्रिया सरल बनेगी।
इस अवसर पर सीएस ईशा कपूर, सीएस वैभव अग्निहोत्री, सीएस रीना जाखोड़िया, सीएस रिंकी अरोड़ा,सीएस कौशल सक्सेना,सीएस राहुल मिश्रा, सीएस साकेत शर्मा,सीएस मनीष शुक्ला,सीएस रजित वर्मा, सीएस अंकित मल्होत्रा सहित बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स एवं सदस्य उपस्थित रहे।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here