स्वतंत्रता सेनानी और मनीषी कवि पंडित जगदंबा प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ जी के निर्वाण दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि

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उन्नाव।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर मनीषी और हिंदी साहित्य के अनन्य उपासक पंडित जगदंबा प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ जी के निर्वाण दिवस के अवसर पर आज गंजमुरादाबाद उनके स्मारक स्थल पर एक श्रद्धांजलि सभा सह विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्यकारों, इतिहासकारों और गणमान्य नागरिकों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की और उन्हें अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
​ ​गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे क्षेत्रीय भाजपा विधायक श्रीकांत कटियार ने अपने संबोधन में कहा कि ‘हितैषी’ जी केवल एक कवि नहीं थे, बल्कि वे कलम के वह सिपाही थे जिन्होंने अपनी रचनाओं से सोए हुए राष्ट्र को जगाने का कार्य किया। उनकी पंक्तियां— “शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा”— आज भी हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति का ज्वार पैदा कर देती हैं। ​चर्चा के दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने याद किया कि किस तरह हितैषी जी ने अपनी ओजस्वी वाणी और लेखनी के माध्यम से ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध जनमानस को तैयार किया। उन्होंने कई बार कारावास की यातनाएं भी सहीं, किंतु उनके हौसले कभी कम नहीं हुए। उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सरलता और साहित्य के प्रति अटूट निष्ठा थी। वे नए कवियों के लिए हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका में रहे।
​उनके साहित्यिक योगदान पर चर्चा करते हुए विद्वानों ने बताया कि उनकी कविताओं में राष्ट्रीयता कूट-कूट कर भरी थी। उन्होंने ‘हितैषी’ उपनाम से समाज के हित की बात की। उनकी भाषा सरल, सुबोध लेकिन बेहद प्रभावशाली थी। उन्होंने छंदों और अलंकारों का ऐसा प्रयोग किया जो सीधे आम आदमी के दिल तक पहुंचता था। उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्यों को अपनी रचनाओं का आधार बनाया।
​कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने उनके प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपस्थित बुद्धिजीवियों ने संकल्प लिया कि ‘हितैषी’ जी की अप्रकाशित रचनाओं को संकलित कर उन्हें युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा ताकि आने वाली नस्लें उनके बलिदान और साहित्य से प्रेरणा ले सकें। इस कार्यक्रम में हितैषी स्मारिका जो 2002 में 108 वीं जयंती के मौके पर प्रकाशित हुई थी। उसका परिवर्धित अंक के प्रकाशन का निर्णय हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत गंजमुरादाबाद के पूर्व अध्यक्ष रामनरेश कुशवाहा ने की। इस मौके पर विनय विप्र, ओम शंकर मिश्रा, शिव मूर्ति तिवारी, राघव मिश्रा, दिनेश तिवारी, अजय तिवारी, गोपाल रस्तोगी, पंकज शुक्ला, मिथिलेश पटेल, टीका राजपूत, कुलदीप शर्मा, जय सिंह बाबू, शुभम कटियार, धर्मेंद्र व समाजसेवी फजलुर्रहमान सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।


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