उच्च प्राथमिक विद्यालय चौपाई में कल शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी के कुशल नेतृत्व से प्रधानाध्यापक के मार्गदर्शन में शनिवार की गतिविधि प्रारंभ हुई

0
14

असोहा, उन्नाव।क्या कभी आपने सोचा है की धरती पर रंग ना होते तो क्या होता? आज की गतिविधि की शुरुआत इसी प्रश्न से हुई। रंग मानव जीवन का अभिन्न अंग है। नीला आकाश, हरी भरी धरती, सुनहरी धूप, रंग-बिरंगे फूल और इंद्रधनुष के रंग सभी हमारे जीवन को आनंद और उत्साह से भर देते हैं। प्रकृति ही प्राकृतिक रंगों की जननी है क्योंकि वही हमें रंगों की सुंदरता विविधता और जीवनदाई शक्ति प्रदान करती है यह रंग स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित पर्यावरण के अनुकूल होते हैं परंतु आज के इस बनावटी, आधुनिक व तेज जीवन में रंग भी बनावटी हो चुके हैं । ये स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं ,एलर्जी, सिर दर्द ,त्वचा रोग और आंखों में जलन आदि प्रकार के रोग पैदा कर सकते हैं साथ ही पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होते हैं।
आने वाला होली का त्यौहार तो रंगों के बिना संभव है और अधूरा है इसलिए आज हमारे विद्यालय के बच्चों ने प्रकृति द्वारा प्रदत्त वस्तुओं से प्राकृतिक रंग बनाना सीखे-
1- लाल रंग- ऊर्जा ,प्रेम और साहस का प्रतीक है। बच्चों ने गुड़हल के फूल और चुकंदर के रस से बनाया।
2- पीला रंग – प्रसन्नता और आशा का प्रतीक है। जिससे हल्दी और गेंदे के फूलों से बनाया ।
3- हरा रंग – ताजगी और समृद्धि का प्रतीक है जिसे बच्चों द्वारा पालक और सहजन की पत्तियों से बनाया गया।
4- नीला रंग – विश्वास और शांति का प्रतीक है जिसे बच्चों ने अपराजिता के फूलों की मदद से बनाया।
6 -भूरा रंग- कॉफ़ी की मदद से बनाया गया
7- नारंगी रंग- जो की ताजगी का प्रतीक है टेसू के फूलों से बनाया गया।
इन रंगों को बनाते हुए बच्चे अत्यंत खुश थे। उत्साहित होकर बच्चों के समूह ने देखते ही देखते सभी सामग्रियों से प्राकृतिक रंग बना डालें। बच्चों के साथ ही साथ समस्त विद्यालय परिवार ने प्रतिज्ञा ली कि आने वाले होली के त्योहार पर वह प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करके ही पर्व मनाएंगे ।अपने बने रंगों को देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना न था और उन्हें देखकर हम सभी की खुश थे।
सभी शिक्षकों की यही कामना है कि यह रंग बच्चों के जीवन में आनंद ,उत्साह , सीख और सृजनशीलता का संचार करें और उनके सर्वांगीण विकास में सहायक हो आज के इस कार्यक्रम में सभी विद्यालय अध्यपाक मवजूद रहे।

देखे फोटो।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here