उन्नाव।जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जन की अनुपस्थिति का सबसे अधिक असर मरीजों और किसान भाइयों पर पड़ रहा है। खेत-खलिहान में काम करते समय हादसे, सड़क दुर्घटनाएं या अचानक ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं होने पर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ इलाज की जरूरत होती है, लेकिन जिला अस्पताल उन्नाव में न्यूरो सर्जन न होने के कारण उन्हें लखनऊ या कानपुर जैसे बड़े शहरों की ओर रेफर कर दिया जाता है।
गरीब परिवारों और छोटे किसानों के लिए बाहर इलाज कराना बेहद कठिन हो जाता है। एंबुलेंस, दवा, जांच और निजी अस्पतालों का खर्च उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर देता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।
किसान भाई, जो दिन-रात मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, उनके लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बड़ी चिंता का विषय है। स्थानीय जनता ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मांग की है कि जिला अस्पताल उन्नाव में शीघ्र स्थायी न्यूरो सर्जन की नियुक्ति की जाए, ताकि गरीबों और किसानों को अपने ही जिले में बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।
जनता का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है, और गरीब मरीजों को भटकना न पड़े, इसके लिए शासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।




