उन्नाव।जनपद उन्नाव के ऐतिहासिक कस्बा गंजमुरादाबाद में बीती रात ‘जश्न-ए-अशरफुल अंबिया’ कॉन्फ्रेंस का अत्यंत गौरवशाली और रूहानी आयोजन किया गया। इस धार्मिक जलसे में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों सहित दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने शिरकत की।
इस कॉन्फ्रेंस के मुख्य आकर्षण देश के मशहूर आलिम-ए-दीन और मुकर्रिर अल्लामा मौलाना सैयद मोहम्मद अशरफ अशरफी जिलानी (किछौछा शरीफ, फैजाबाद) रहे। उनके आगमन पर क्षेत्रीय जनता और आयोजन समिति ने उनका ज़ोरदार इस्तकबाल किया।अपने संबोधन में हजरत मौलाना सैयद मोहम्मद अशरफ अशरफी जिलानी ने इस्लाम की तालीमात और पैगंबर-ए-इस्लाम की सुन्नतों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि इस्लाम हमेशा शांति और मानवता की सेवा का संदेश देता है। युवाओं को आधुनिक और धार्मिक शिक्षा दोनों हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बुजुर्गों के बताए रास्ते पर चलने और समाज में बुराइयों को मिटाने की अपील की। कॉन्फ्रेंस का आगाज़ तिलावत-ए-कुरान पाक और नात-ए-पाक से हुआ। इसके बाद शायरों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। जलसे का माहौल पूरी रात रूहानी इबादत और दुआओं से सराबोर रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य समाज में मोहब्बत का पैगाम फैलाना और लोगों को नेक राह दिखाना है। कार्यक्रम के अंत में देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी गई। इस मौके पर हजरत मौलाना हाशिम अशरफी कानपुरी ने भी अपनी बेहतरीन तकरीर कर लोगों को दीन और इस्लाम की अच्छी बातें बताईं। इस कांफ्रेंस में प्रोग्राम के आयोजक मौलाना खुर्शीद जमाल अशरफी, मौलाना जब्बार नूरी, सैयद मोहम्मद आरिफ मियां, चेयरमैन प्रतिनिधि मोहम्मद कामिल कुरैशी, हाफिज जमाल अख्तर, हाफिज बशीर, हाफिज रऊफ, युवा नेता जावेद अख्तर सहित काफी तादाद में लोग मौजूद रहे।
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