उन्नाव।आधुनिक जीवनशैली और खान-पान में आए बदलाव के कारण आज हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी लाइफस्टाइल बीमारी की चपेट में है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अशोक वर्मा ने बढ़ते हुए ब्लड प्रेशर (BP), शुगर (मधुमेह) और थायराइड के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इनके लक्षण शुरुआत में स्पष्ट नहीं होते, लेकिन ये शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय, किडनी और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा, “पहले ये बीमारियां 50 वर्ष की उम्र के बाद देखी जाती थीं, लेकिन अब 25 से 30 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉ. वर्मा के अनुसार, इन बीमारियों के बढ़ने के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं।-(शारीरिक सक्रियता की कमी) घंटों एक जगह बैठकर काम करना।(जंक फूड का सेवन) अधिक नमक, चीनी और प्रोसेस्ड फूड का उपयोग।(तनाव) मानसिक तनाव हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जो थायराइड और शुगर का मुख्य कारण है।
(नींद की कमी) सही समय पर न सोना और पर्याप्त नींद न लेना। डॉ. वर्मा ने विशेष रूप से थायराइड पर चर्चा करते हुए बताया कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में थायराइड की समस्या अधिक देखी जा रही है। वजन का अचानक बढ़ना या कम होना, थकान और चिड़चिड़ापन इसके प्रमुख संकेत हैं। इसकी समय पर जांच बेहद जरूरी है। डॉक्टर ने इन बीमारियों से बचने और इन्हें नियंत्रित रखने के लिए ‘4-पिलर फॉर्मूला’ साझा किया। (नियमित व्यायाम) प्रतिदिन कम से कम 30-40 मिनट पैदल चलें या योग करें।
(संतुलित आहार) भोजन में फल, हरी सब्जियां और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। नमक और चीनी का कम प्रयोग करें।(नियमित जांच) 30 वर्ष की आयु के बाद साल में कम से कम एक बार फुल बॉडी चेकअप जरूर कराएं। ध्यान और गहरी नींद को प्राथमिकता दें।
डॉ. अशोक वर्मा ने अंत में कहा कि बीपी, शुगर और थायराइड कोई लाइलाज बीमारियां नहीं हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। अनुशासन और जागरूक जीवनशैली ही इनसे बचने का एकमात्र रास्ता है।




