उन्नाव।रेलवे प्रशासन द्वारा कानपुर-बालामऊ मार्ग पर चलने वाली एक महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेन सेवा को अचानक बंद किए जाने से इस रूट पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित दैनिक यात्री (डेली पैसेंजर्स), छोटे व्यापारी और छात्र हो रहे हैं, जिनके लिए यह ट्रेन आवागमन का सबसे सुलभ और सस्ता साधन थी।
ट्रेन बंद होने के कारण यात्रियों को अब निजी बसों या डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां ट्रेन का किराया बेहद कम था, वहीं अब यात्रियों को तीन से चार गुना अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है। ट्रेन सेवा न होने से यात्रियों को कई जगह वाहन बदलने पड़ रहे हैं, जिससे उनके समय की भारी बर्बादी हो रही है। खासकर नौकरीपेशा लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। एक गाड़ी बंद होने से अन्य उपलब्ध साधनों और बसों पर यात्रियों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे लोग बसों में खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापार मंडल का कहना है कि यह ट्रेन बालामऊ, मल्लावां, बांगरमऊ, सफीपुर और उन्नाव के रास्ते कानपुर आने-जाने वालों के लिए लाइफलाइन की तरह थी। बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के ट्रेन बंद करना यात्रियों के साथ अन्याय है। यात्रियों ने मांग की है कि इस ट्रेन को जल्द से जल्द बहाल किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।




