बेलगाम वर्दी नामित आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाए सौदे बाजी में उलझी

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असोहा, उन्नाव।लोगों का भरोसा हासिल कर पाने में स्थानीय पुलिस पूरी तरह फेल साबित हुई है घटनाएं घटित होती हैं पीड़ित नामजद शिकायतें करतें हैं वर्दी आरोपियों को पकड़ना तो दूर करीब भी नहीं जाती” ।।

पुरवा – उन्नाव।सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ हर मंच से अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते है कायदे में रहने की धौंस देते हैं अफसोस जनक यह कि उनकी धौंस का असर न तो अपराधियों पर है न ही पुलिस पर सच यह कि निजी लाभ के चक्कर में नियम निर्देशों को चिन्धी चिन्धी कर रही वर्दी नामजद चोरों को पकड़ने के बजाए उन्हें खुली छूट देखकर शासन की मंशा का खुलेआम चीर हरण कर रही है हाल यह कि वर्दी से निराश पीड़ितों ने फरियाद ही छोड़ दी।
केस नं 1- पुरवा कोतवाली के ग्राम खोरी मजरे बिछिया निवासी पंकज पुत्र हरिश्चंद्र के प्रत्यावेदन का हवाला यह कि उनके घर 11 जनवरी को उनकी रिश्तेदार मानसी बाजपेई पत्नी प्रमोद बाजपेई निवासी झंडा चौराहा शुक्ला गंज आई उनके साथ उनकी ननद सोनम भी थी दो दिन बाद 13 जन को वह अपने घर चली गई।बकौल पंकज 23 जन बसंत पंचमी को पत्नी ने सुहाग लेने से पूर्व जेवर पहनने हेतु अलमारी खोली तो वह चौक गयी अलमारी से सारे जेवर बाला,झुमकी,मंगल सूत्र एक मर्दाना अंगूठी सभी सोने के कीमत लगभग पांच लाख गायब थे।
चोरी की घटना का प्रत्यावेदन 25 जन को पंकज ने बिछिया चौकी में दिया कोई कार्यवाही न होने पर 27 जन को कोतवाल अमरनाथ यादव से मिलकर प्रकरण की जानकारी दी कोतवाल ने गिरफ्तारी और एफ आई आर लिखने का भरोसा दिया हैरान करने वाली बात यह कि आरोपी महिला का मोबाइल नं भी प्रत्यावेदन में लिखा मगर आज तक पुरवा पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की सूत्रों की मानें तो प्रार्थना पत्र चौकी इंचार्ज गंगा प्रसाद रखे हुए हैं शायद इस प्रतीक्षा में कि कार्यवाही से पूर्व उनकी जेब गर्म हो तब कदम आगे बढ़ाए वर्दी से हताश निराश पीड़ित ने पैरवी छोड़ दी।

केस नं 2- मौरावां थाना क्षेत्र के ग्राम नरी चक निवासी भगौती प्रसाद पुत्र बुद्धू ने 29 दिस 25 को भैंस चोरी का प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि घर से मिले हाते में तीन भैंसे बंधी थी जिसे चोर खोल ले गए भगौती ने बताया कि घटना के तीन पूर्व थाना खीरों के ग्राम हरी पुर निवासी सोएब पुत्र वजीर व वजीर पुत्र अज्ञात आए थे उन्होंने ही चोरी की है बताते चलें कि दोनों शातिर चोर है चोरी के आरोप में पकड़े भी जा चुके हैं।शिकायत किए डेढ़ माह का समय बीत रहा है पुलिस आरोपियों की चौखट तक नहीं पहुंची पीड़ित आज भी पुलिस चौखट पर रिरिया रहा है।
उल्लेखनीय है कि यह महज दो अदद मामले नहीं है दर्जनों घटनाएं घटती हैं पीड़ित न्याय पाने की आस लिए थाने जातें हैं मगर न्याय के नाम पर जलालत रिश्वत की मांग से ज्यादा कुछ भी उनके हिस्से नहीं आता वर्दी की खुलेआम लूट खसोट ने साबित कर दिया है कि उसकी तानाशाही के आगे लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का कोई महत्व नहीं है।खास यह कि लोगों का भरोसा जीतने का मंत्र देने वाले आलाधिकारियों का नियंत्रण समाप्त सा हो गया है।


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