जयपुर,राजस्थान। 3 फरवरी। राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान गैस ने सीएनजी-पीएनजी के साथ ही अब एलएनजी, ईवी और सीबीजी क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाशना आरंभ कर दिया है। प्रमुख सचिव माइंस एवं चेयरमेन आरएसजीएल श्री टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य में हरित उर्जा की दिशा में और अधिक तेजी से कदम बढ़ाते हुए आरएसजीएल अपने परंपरागत कार्यों को विस्तारित कर रहा है। उन्होंने बताया कि नीमराना में पहला एलएनजी प्लांट का कार्य प्रगति पर है।
चेयरमेन श्री टी. रविकान्त मंगलवार को राजस्थान स्टेट गैस की 46 वीं संचालक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कोटा में पायलट आधार पर सीबीजी उपलब्ध कराना आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने जयपुर, कोटा सहित एक्सप्रेस वे पर एलएनजी आउटलेट खोलने और जयपुर के आसपास के 300-400 किमी में ईवी नेटवर्क विकसित करने की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एलएनजी, सीबीजी और ईवी नेटवर्क विकसित करने से नागरिकों को सस्ती और हरित उर्जा की सहज उपलब्धता संभव हो सकेगी।
राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक श्री रणवीर सिंह ने बताया कि नीमराणा में एलएनजी प्लांट तैयार होने पर इससे लंबी दूरी के वाहनों, खनन क्षेत्रों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों को लाभ मिल सकेगा।
श्री रणवीर सिंह ने बताया कि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने या समन्वय बनाकर गैस उपलब्ध कराने की संभावनाओं के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी स्टेशन स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम शुरु किया गया है। पायलट आधार पर स्टेशन स्थापित कर संभावनाओं के अनुसार नेटवर्क तलाशा जाएगा।
संचालक मण्डल की बैठक में वित्त सचिव राजस्व श्री कुमार पाल गौतम, गैल गैस प्रतिनिधि श्री संजय सिंह, आरएसएमएम की एमडी प्रज्ञा केवलरमानी ने सुझाव दिए। बैठक में उपमहाप्रबंधक श्री विवेक रंजन, श्री विवेक श्रीवास्तव, मुख्य वित्त अधिकारी श्री दीप्तांशु पारीक ने हिस्सा लिया।




