कानपुर।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को कोऑपरेटिव इस्टेट सभागार में उद्यमी साथियों के साथ बड़ी स्क्रीन पर देखा तथा बजट के विभिन्न प्रावधानों पर सार्थक समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया। बजट में औद्योगिक विकास एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में किए गए प्रयास सराहनीय हैं। हमारा स्पष्ट मत है कि यदि निर्यातकों को और अधिक छूट व सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो इससे निर्यात में वृद्धि होगी, उद्योगों को गति मिलेगी और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का बजट आवंटन किया गया है, जो वर्तमान आवश्यकताओं की तुलना में अपर्याप्त प्रतीत होता है। इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कम से कम ₹ एक लाख करोड़ का प्रावधान किया जाना चाहिए। साथ ही,उन पुराने लघु उद्योगों पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है, जो पिछले लगभग 70 वर्षों से देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर चेयरमैन विजय कपूर, हरीश इसरानी, विशाल खंडेलवाल, श्याम लाल मूलचंदानी, नरेश पंजाबी, बसंत लाल विश्वकर्मा, कार्तिक कपूर, समनदीप, अनिल श्रीवास्तव, निखिल गुप्ता, सतीश प्रकाश, संतोष पिपरिया, राजेश कत्याल, शिवेश दुबे, प्रेम राज, बॉबी कपूर, राजेंद्र गुप्ता, यशपाल सचान,आर.के. नायर, शिशिर चौरसिया सहित सैकड़ों उद्यमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने बजट को देखा, समझा और अपने विचार साझा करते हुए इसकी सराहना की।




