बांगरमऊ,उन्नाव।तहसील क्षेत्र रूरी शादिकपुर गाव मे स्थित दुर्गा माता मंदिर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ श्री हनुमान चालीसा के पाठ से किया गया। जिसमे क्षेत्र समरसता प्रमुख नरेंद्र ने कहा कि व्यक्ति का मूल्यांकन जाति, भाषा या संपत्ति से नहीं होना चाहिए और सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव खत्म करना जरूरी है, हमें हिन्दू होने पर गर्व है। मैकाले ने यहां की शिक्षा व्यवस्था और स्वभिमान क़ो समाप्त किया। विश्व का कल्याण हो हिन्दू संस्कृति क़ो बचाना है स्वामी विवेकानंद 100 युवा देश के चिंतन के लिए ढूंढ रहे थे। आज संघ ने ऐसे हजारों युवा खड़े कर दिए है, आगे उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति, भाषा, संपत्ति या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। पूरा देश सभी का है और यही भावना सच्ची सामाजिक समरसता की पहचान है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता की पहली शर्त मन से भेदभाव की भावना को खत्म करना और हर व्यक्ति को अपना समझना है। उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे आपसी समझ को बढ़ाएं, संकट के समय एक-दूसरे का सहारा बनें और देश के इतिहास व पूर्वजों को जानने का प्रयास करें. परिवार के संदर्भ में उन्होंने सुझाव दिया कि हर सप्ताह कम से कम एक दिन परिवार के सदस्यो के साथ बैठे। जिससे पारिवारिक रिश्ते भी मजबूत होंगे। इस मौके परजिला प्रचारक देवेद्र, खंड कार्यवाह आर्यन, खंड सम्पर्क प्रमुख विकास, सह खंड कार्यवाह निर्मल, अजीत, विवेक सिंह, अजीत, हरिपाल वर्मा आदि मौजूद रहें।




