उन्नाव।बांगरमऊ के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. वहीदुल हसन का रविवार को 72 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र के चिकित्सा जगत और स्थानीय निवासियों में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉ. वहीदुल हसन पिछले 30 सालों से अधिक वर्षों से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी गिनती क्षेत्र के सबसे अनुभवी और मृदुभाषी चिकित्सकों में होती थी, जो न केवल इलाज करते थे बल्कि मरीजों के साथ गहरा आत्मीय संबंध भी रखते थे।रविवार दोपहर को नमाज-ए-जोहर के बाद उनके जनाजे की नमाज अदा की गई। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, गणमान्य व्यक्ति और चिकित्सा जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों और क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि डॉ. हसन का जाना बांगरमऊ के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। डॉ वहीदुल हसन मुख्य रूप से कस्बा सफीपुर के रहने वाले थे। उन्होंने 20 वर्षों से अधिक समय तक बांगरमऊ में चिकित्सा सेवा की और करीब 10 वर्षों तक फतेहपुर 84 में चिकित्सा सेवा की। डॉ वहीदुल हसन अपने पीछे दो लड़के और तीन लड़कियां छोड़ गए हैं।
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