बांगरमऊ उन्नाव।मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच टीम के बांगरमऊ अस्पताल पहुंचने पर कई वर्षों से बाधित कई सेवाएं आनन फानन में शुरु हो गई । जबकि अनेक खामियां मिलने पर अस्पताल स्टाफ को खरी खरी सुननी पड़ी । जांच के दौरान अस्पताल कर्मियों में अफरा तफरी बनी रही।
गौरतलब हो स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के क्रम में अस्पतालों की स्थित जानने हेतु मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पतालों की हकीकत जानने के क्रम में लगी हुई है । इसी क्रम में शुक्रवार को जांच टीम के सदस्य हरिओम शुक्ला शोध अधिकारी स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन नियोजन विभाग दोपहर करीब अस्पताल पहुंचे । इस दौरान जांच के दौरान 108 व 102 के ई एम टी दवा का इस्तेमाल होना बता पाने में असमर्थ रहे। जिससे उन्होंने अधीक्षक को फटकारा।जिसके बाद इमर्जेंसी में पानी हेतु लगा आर ओ बंद मिला।तथा महीनों से बंद पड़े जनरेटर को जांच अधिकारी के पूछताछ पर तत्काल चालू कराया गया । जबकि इसके आसपास व्याप्त गंदगी देख वह बेहद नाराज दिखे,इसी क्रम में ध्वस्त पड़ी पानी की व्यवस्था देख जांच अधिकारी का पारा चढ़ता देख आनन फानन में मिस्त्री बुलाकर नया समरर्सिबल मंगाकर उसे चालू कराया गया । जांच टीम को ऑक्सीजन चालू अवस्था में ना मिलने पर कड़ी फटकार प्रभारी को लगाई।इसी तरह से जांच अधिकारी ने लैब,एक्सरे कक्ष, जच्चा बच्चा कच्छ,प्रसव महिला भर्ती वार्ड दवा रखरखाव आदि सहित संपूर्ण अस्पताल का निरीक्षण कर खाका तैयार किया गया। जांच के दौरान अस्पताल अधीक्षक मुकेश सिंह, डॉ सुनील राठौर,नीरज शुक्ला,आफताब,पियूष मिश्रा,अशोक वर्मा,प्रतिभा सिंह व फार्मासिस्ट प्रेम कुमार ,आर बी सिंह राजपूत सहित समस्त अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा । जांच के दौरान अनेकों बार जांच अधिकारी की फटकार सुनने को मजबूर होना पड़ा । जिससे जांच के दौरान अस्पताल कर्मियों में अफरा तफरी मची रही।




