सरसौल,कानपुर।आचार्य पंडित निर्मल शास्त्री ने मकर संक्रांति की तिथि को लेकर पंचांगों में दिख रही भिन्नता पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि समय-मान की भिन्नता के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है, जबकि शास्त्रीय तथ्य स्पष्ट हैं।
शास्त्री जी ने बताया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को ही होगा। विभिन्न पंचांगों में इसके समय को लेकर अंतर हो सकता है, जैसे किसी में दोपहर 03:13 बजे और किसी में रात्रि 08:49 बजे। हालांकि, सूर्य संक्रमण की तिथि को लेकर कोई मतभेद नहीं है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि 14 जनवरी को षट्तिला एकादशी भी पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चावल का सेवन और दान वर्जित है।
इसी शास्त्रीय कारण से खिचड़ी पर्व, जो मकर संक्रांति का मुख्य उत्सव है, 15 जनवरी को ही मनाना धर्मसम्मत होगा। आचार्य शास्त्री ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पंचांगों में समय की भिन्नता से भ्रमित न हों





