उन्नाव।बांगरमऊ नगर के मुख्य मार्गों पर अनियंत्रित अतिक्रमण और अवैध कब्जों के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। डग्गामार वाहनों और सड़क तक फैली दुकानों के कारण रोजाना घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है। जिससे स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बांगरमऊ नगर के मुख्य चौराहे से लेकर हरदोई उन्नाव मार्ग, बिल्हौर मार्ग, सण्डीला मार्ग, और लखनऊ मार्ग तक दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर कई फीट तक सामान सजा रखा है। फुटपाथ तो पहले ही गायब हो चुके थे, अब मुख्य सड़क का हिस्सा भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है। इसके अलावा, ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से स्थिति और भी भयावह हो गई है। जाम की समस्या इतनी गंभीर है कि आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। अक्सर देखा जाता है कि मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस और स्कूल से घर लौट रहे बच्चों की बसें घंटों जाम में फंसी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है। नगर के व्यापार मंडल और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस समस्या पर गहरा रोष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासी रामबिहारी वर्मा, सुभाष गुप्ता, आज़ाद आदि का कहना है कि “अतिक्रमण के कारण बाजार आने में डर लगता है। प्रशासन द्वारा कभी-कभी औपचारिकता के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन दो दिन बाद स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। नगर पालिका और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मुख्य मार्गों को ‘नो पार्किंग जोन’ घोषित कर वहां यातायात पुलिस की स्थायी तैनाती की जाए। सड़क किनारे से अवैध होर्डिंग्स और सामान हटवाया जाए। ई-रिक्शा के लिए अलग स्टैंड की व्यवस्था हो। अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से नगरवासियों को कब तक निजात दिला पाता है।




