समाधान दिवस में युवक का आत्मदाह प्रयासः बोला-कोई हमारी नहीं सुन रहा, मर जाने दो, डीएम-डीसीपी ईस्ट का सख्त संदेश ‘फाइलें नहीं, अब समस्याओं का होगा निस्तारण

0
49

कानपुर। नरवल तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश कर रहा था। मौके पर खड़े पुलिस कर्मियों ने उसे ऐसा करने से रोक लिया। पुलिस घेरेबंदी में उसे हाल से बाहर निकाला। इस दौरान युवक बोल रहा था कि उसे मर जाने दो, कोई सुन नहीं रहा है, न्याय के लिए भटक रहा है। मामले की जानकारी होते ही जिलाधिकारी ने तत्काल मौके पर संबंधित अधिकारियों को भेजकर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। समाधान दिवस कार्यक्रम के दौरान कुल 159 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 11 प्रकरणों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। लगभग एक दर्जन से अधिक प्रकरणों में संबंधित विभागों की संयुक्त टीम का गठन किया गया है, जो स्थल पर जाकर समस्या का परीक्षण करते हुए समाधान सुनिश्चित करेगी। जिलाधिकारी ने शेष लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए संपूर्ण समाधान दिवस से संबंधित शासनादेश के अंतर्गत निर्धारित सात दिवस की समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

केस -1
नर्वल के करबिगवां निवासी लगभग 65 वर्षीय विधवा रानी ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले दबंग लोगों ने उनकी नाली जबरन बंद कर दी है। जिससे नाली का पानी घर में भी बह रहा है। पिछले दिनों जब विरोध किया तो आरोपितों ने उनके व बेटे रणजीत के साथ मारपीट कर दी। बीती 14 दिसंबर को नर्वल थाने में शिकायत की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा पुलिस उन्हे ही धमका रही है। शनिवार को नर्वल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। तभी पीड़ित मां – बेटे भी वहां पहुंच गए। अचानक रणजीत ने झोले में छिपाकर रखी बोतल निकाली और अपने ऊपर पेट्रोल डालने लगा। वो जोर-जोर से चिल्ला रहा था। साहब दबंगो ने बहुत पीटा, पुलिस से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब मर जाना ही अच्छा है। न्याय से भरोसा उठ चुका है। इसी बीच वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने युवक को पकड़कर बोतल छीनकर अलग की।डीएम ने समस्या सुनी। डीएम ने न्याय दिलाने व कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

देखे वीडियो।

केस -2
करबिगवां, नरवल निवासी बउवन उर्फ रणजीत सिंह पुत्र महावीर सिंह द्वारा पड़ोसी के साथ नाली एवं जल निकासी को लेकर उत्पन्न विवाद के संबंध में जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी नरवल विवेक कुमार मिश्रा एवं एसीपी अभिषेक पांडेय द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का परीक्षण किया गया। मौके पर प्रथम पक्ष राकेश सिंह एवं बउवन उर्फ रणजीत सिंह पुत्र महावीर सिंह तथा द्वितीय पक्ष सीता देवी पत्नी सत्येंद्र सिंह के बीच रास्ते पर नाली निर्माण एवं जल निकासी को लेकर विवाद पाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों एवं गांव के संभ्रांत नागरिकों के बीच आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। समझौते के अनुसार प्रथम पक्ष राकेश सिंह द्वारा निजी व्यय से पक्की नाली का निर्माण कर उस पर पटिया रखवाई जाएगी, जबकि द्वितीय पक्ष सीता देवी द्वारा संबंधित रास्ते को छोड़ते हुए अपनी दीवार का निर्माण किया जाएगा। यह सहमति गांव के संभ्रांत नागरिकों की उपस्थिति में लिखित रूप से स्वीकार की गई।

केस -3
सरसौल निवासी जसवंत सिंह द्वारा आयुष्मान कार्ड में त्रुटि निवारण से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिस पर तत्काल सुधार कर निस्तारण किया गया। इसी प्रकार महाराजपुर निवासी आशुतोष पाण्डेय द्वारा ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु दिए गए प्रार्थना पत्र का भी मौके पर निस्तारण किया गया और प्रार्थी कार्यवाही से संतुष्ट रहे।
कमालपुर, नरवल निवासी बन्द्रशेखर के अमलदरामद से संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर खतौनी उपलब्ध करा दी गई। मंगलियापुरवा, ग्राम रामखेड़ा निवासी सुमेर सिंह द्वारा अपने मृत भाई की भूमि की वरासत के संबंध में दिए गए प्रार्थना पत्र पर आदेश पारित कर उन्हें अवगत कराया गया। परदेवनपुर निवासी शीला शुक्ला के अमलदरामद संबंधी प्रकरण में भी खतौनी उपलब्ध कराते हुए निस्तारण किया गया। सिकठियापुरवा निवासी रेनू देवी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े प्रकरण, बांबीभितरी निवासी अमित कुमार के नाम संशोधन तथा डोमनपुर निवासी राघवेन्द्र के निवास प्रमाण पत्र से संबंधित प्रकरणों का भी मौके पर निस्तारण किया गया। सभी प्रार्थियों ने की गई कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया।

जिलाधिकारी के समक्ष विभिन्न विभागों से संबंधित तहसील सदर में कुल 84 प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इसके अतिरिक्त विकास विभाग से 15, पुलिस विभाग से 10, चकबंदी से 8, समाज कल्याण से 5, विद्युत एवं जल आपूर्ति विभाग से 4-4, वन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग से 3-3 प्रकरण प्राप्त हुए। शेष प्रकरण अन्य विभागों से संबंधित थे। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।

एसडीएम और एसीपी चकेरी को जांच का आदेश: डीसीपी ईस्ट ने कहा, तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम और एसीपी चकेरी को मौके पर जाकर जांच करने का आदेश दिया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here