मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर कोर्ट पहुंचे परिजनः आरोपी को जज ने देखते ही कहा जमानत

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कानपुर नगर। फैमिली कोर्ट में गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे स्ट्रेचर पर लेटकर हाजिर होने पहुंचा। युवक का पत्नी से पांच सालों से विवाद चल रहा था, जिसमें हाजिर न होने के कारण कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया था। हाजिर न होने पर कुर्की के आदेश जारी कर दिए गए थे। गुरुवार को स्ट्रेचर में लेकर परिजन उसे कोर्ट पहुंचे, जहां गंभीर हालत देख कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
मामला पत्नी द्वारा गुजारा भत्ते की मांग से जुड़ा है, जिसमें पत्नी ने पति को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए बीमारी को बहाना करार दिया था। पत्नी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की अर्जी दाखिल की थी। आरोप लगाया गया कि पति जानबूझकर बीमारी का बहाना बनाकर गुजारा भत्ता देने से बच रहा है। इन दावों का खंडन करने के लिए पति पक्ष की ओर से मेडिकल रिपोर्ट, फोटोग्राफ और स्वयं युवक को स्ट्रेचर पर अदालत में पेश किया गया, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। परिजनों के अनुसार, बर्रा थानाक्षेत्र के रहने वाले इस युवक की शादी साल 2018 में चकेरी निवासी एक युवती से हुई थी। शादी के महज एक हफ्ते बाद ही पत्नी युवक को छोड़कर चली गई थी। इसके बाद युवक को पक्षाघात हुआ और तब से उसका इलाज लगातार चल रहा है। युवक पूरी तरह परिजनों पर निर्भर है और सामान्य गतिविधियां करने में असमर्थ है। अदालत ने प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए मामले की अगली सुनवाई के निर्देश दिए हैं। यह मामला गुजारा भत्ता से जुड़े मामलों में तथ्यों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया की अहमियत को रेखांकित करता है। मामला अब कानूनी बहस के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बन गया है। कानपुर कोर्ट में सामने आया यह दृश्य न सिर्फ वकीलों बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है कि कानून और इंसानियत के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

देखे वीडियो।


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