कानपुर। कल्याणपुर आवास विकास तीन के अंबेडकरपुरम में जमीन से कब्जा हटाने पहुंची आवास विकास परिषद की टीम को सोमवार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई रोकने के लिए बुजुर्ग और महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गई, कुछ महिलाएं जेसीबी मशीन पर चढ़ गई। हंगामा बढ़ने पर अधिकारियों ने पहले पुलिस और फिर पीएसी को बुलाया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस और पीएसी ने विरोध कर रहे लोगों को हटाया, जिसके बाद जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। मामला कल्याणपुर आवास विकास-3 अंबेडकरपुरम क्षेत्र का है, जहां कम्युनिटी सेंटर के पास करीब पौने चार बीघा जमीन खाली कराई गई। आवास विकास परिषद का कहना है कि यह जमीन पेट्रोलियम विभाग को लगभग 27 करोड़ रुपये में बेची जा चुकी है। आवास-विकास निवासी सूरज प्रसाद शुक्ला ने बताया कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है। उनके समेत तीन भाइयों स्व.भगवती प्रसाद, राधे श्याम शुक्ला के नाम हैं। वर्तमान में उनके परिवार का कब्जा है। आरोप लगाया कि आवास-विकास उन्हें सर्किल रेट से भी कम मुआवजा दे रहा था। जब उन्होंने मुआवजा लेने से मना कर दिया तो आवास-विकास ने यही जमीन पेट्रोलियम विभाग को करीब 27 करोड़ रुपये में बेच दी। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली और वर्तमान में मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। 16 दिसंबर को कोर्ट में सुनवाई होनी है। परिवार के गोपाल शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, विशेष, महेश, सचिन ने बताया कि मामला हाईकोर्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है। इसके बावजूद सोमवार को आवास-विकास परिषद के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और कब्जा करने लगे। इससे पहले भी टीम जमीन खाली कराने के लिए आ चुकी है। कल्याणपुर थाना प्रभारी राजेंद्रकांत शुक्ला ने बताया कि आवास विकास परिषद की मांग पर पुलिस बल उपलब्ध कराया गया था। कुछ लोगों ने विरोध किया, जिन्हें समझा-बुझाकर हटाया गया और शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए कार्रवाई पूरी कराई गई।




