विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)अभियान के दृस्टिगत, त्रुटिरहित पारदर्शी मतदाता सूची तैयार किये जाने को लेकर जिलाधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

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उन्नाव।जिलाधिकारी /जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गौरांग राठी ने विधानसभा निर्वाचन नामावलियों के चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरौदाण अभियान SIR की प्रगति की समीक्षा कर महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि
12 दिसंबर 2025 को सभी विधानसभा क्षेत्रों के 2501 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) एवं बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की एक बैठक आयोजित की जाएगी। उक्त बैठक में बीएलओ द्वारा अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बूथ पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान मृत, शिफ्‌टेड, डुप्लीकेट तथा एप्सेन्ट मतदाताओं की सूची उपलब्ध करायी जायेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनैतिक दलों, बूथ लेवल एजेन्ट एवं मतदाताओं से अपील की है कि वे उक्त सूची में दर्ज मतदाताओं का सत्यापन कर लें। यदि किसी मतदाता का नाम उक्त सूची में होने हैं या उसके संबंध में कोई विपरीत तथ्य हों तो संबंधित बीएलओं/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के संज्ञान में लाकर उसे सही करा लें।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों से विशेष अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करलें कि किसी भी मतदाता का नाम एक से अधिक मतदान केंद्रों या स्थानों पर पंजीकृत न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मतदाता को केवल एक ही जगह मतदान करने का अधिकार है, अतः त्रुटिरहित सूची के लिए यह अनिवार्य है कि नाम केवल एक ही स्थान पर दर्ज हो। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की सूची में एक ही स्थान पर दर्ज होना चाहिए। जो व्यक्ति सामान्यतः जहां निवास करता है वहीं का मतदाता होना चाहिये।

ज्ञात है कि कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (1950 का 43) की चारा 31 के अंतर्गत एक वर्ष तक के कारावास या जुर्माना या दोनों से दण्डनीय होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा यह विशेष रूप से अवगत कराया गया कि पंचायत एवं नगर निकाय की मतदाता सूची तथा विधानसभ निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पृथक-पृथक होती है। इस अभियान का पंचायत की मतदाता सूची से कोई संबंध नहीं है। पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए जो मतदाता सूची तैयार होती है, वह स्थानीय निकायों के चुनाव हेतु होती है। विधानसमा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची अलग से बनाई जाती है और उसका उपयोग विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों में होता है। दोनों सूचियों स्वतंत्र रूप से तैयार की जाती है और एक दूसरे से जुड़ी नहीं होतीं। इसलिए इस अभियान का पंचायत की मतदाता सूची से कोई सबंध नहीं है। यह केवल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से संबंधित है।


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