लेखपाल सुसाइड केस : अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप,बिंदकी कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की मांग,तहरीर पर पुलिस ने कानूनगो पर दर्ज किया मुकदमा

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फतेहपुर। बिंदकी तहसील में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बिंदकी कोतवाली में तहरीर दी। मृतक की बहन अमृता सिंह ने अपने बयान में कहा कि उनके भाई को चुनावी मीटिंग में अनुपस्थिति के कारण अधिकारियों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके दबाव में आकर उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर कानूनगो पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। बहन अमृता सिंह के अनुसार उनका भाई सुधीर कुमार बिंदकी तहसील में लेखपाल था। 22 नवंबर को चुनाव सुपरवाइजर मीटिंग में शादी के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण अनुपस्थित था। मीटिंग में उपस्थित उच्चाधिकारियों ने उसे निलंबन करने की चेतावनी दी थी। यह बात सुधीर ने उसी शाम घर

बिंदकी तहसील में धरना देते लेखपाल।

आकर अपनी बहन को बताई और मानसिक तनाव व्यक्त किया। 25 नवंबर की शाम लगभग 6.30 बजे एक व्यक्ति उनके घर आया, जिसने अपना नाम शिवराम (कानूनगो) बताया। कहा कि उच्चाधिकारियों ने भेजा है। तहरीर के मुताबिक, शिवराम ने घर के सामने खड़े होकर तेज आवाज में धमकी दी कि चुनाव का काम करो, नहीं तो नई नौकरी से भी सस्पेंड और बर्खास्त कर दिए जाओगे। साथ ही उसने यह भी कहा कि एक प्राइवेट व्यक्ति को पैसे देकर काम करा लो। परिवार का कहना है कि इस धमकी और निरंतर मानसिक दबाव की वजह से सुधीर कुमार गहरे तनाव में आ गए और उसी रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अमृता सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में मांग किया कि संबंधित उच्चाधिकारियों के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट सहित आत्महत्या के लिए उकसाने व राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने कानूनगो के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। उधर लेखपाल के आत्महत्या किए जाने से आक्रोशित साथी लेखपालों का धरना तहसील परिसर में लगातार जारी है। लेखपालों का कहना है कि उन सभी पर उच्चाधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। जिसके चलते वह सभी मानसिक तनाव में हैं। लेखपालों ने कहा कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो धरना अनवरत जारी रहेगा।


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