नन्हे पाठकों ने पुस्तकालय यात्रा कर किताबों से की दोस्ती

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उन्नाव lबच्चों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल से जोड़ने के लिए निपुण भारत मिशन चलाया जा रहा है।बच्चों की पठन क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा “रीडिंग हैबिट्स” बढ़ाने के निर्देश प्रदान किए गए हैं जिसमें बच्चों को पुस्तकालय का भ्रमण कराकर वहां की पुस्तकों से बच्चों को परिचित कराया जाना है।
ब्लॉक सिकंदरपुर कर्ण के कर्मी बिझालमऊ न्याय पंचायत के उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरी पीपरखेड़ा, कंपोजिट में बच्चों को कर्मी स्थित पुस्तकालय में विद्यालय की शिक्षिका डॉ रचना सिंह के द्वारा भ्रमण कराया गया।बच्चे पुस्तकालय पहुंचकर बहुत उत्साहित दिखे।बच्चों ने अपनी पसंद की किताबों को अलमारी से निकाला ,फिर चुपचाप अपनी कुर्सी पर बैठकर किताबें पढ़ने लगे।बच्चों ने पुस्तकालय की देख- रेख में लगे पुस्तकालयाध्यक्ष धीरज पाण्डेय से बात की और पुस्तकालय खुलने,बंद होने का समय जाना।उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध किताबों की सूची पढ़ी और स्वयं से संबंधित किताबों के नाम अपने पास लिखे जिससे वे अगली बार जब भी पुस्तकालय आएं ,अपनी जरूरत के अनुसार उन किताबों को पढ़ सकें तथा घर के लिए निर्गत करवा सकें। डॉ रचना सिंह ने बताया कि पुस्तकालय में जाने से जहां एक ओर बच्चों का ज्ञान बढ़ेगा वहीं बच्चों को शैक्षिक सहायता भी मिलेगी।पुस्तकालय के शांत वातावरण में बैठकर पढ़ने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ेगी।बच्चों में पढ़ने की आदत का विकास होगा ।उनका शब्दकोश बढ़ेगा और इस प्रकार उनके भाषा कौशल में सुधार होगा।कक्षा 8 की विद्यार्थी पुष्पा ने कहा कि पुस्तकालय का वातावरण बहुत शांत है,यहां बैठकर पढ़ने से हमारा ध्यान इधर उधर नहीं भटकता है।अंश ने कहा कि एक साथ बैठकर पढ़ना अच्छा लगता है इससे अपने साथियों से ज्यादा पढ़ने की इच्छा होती है। साथ बैठकर पढ़ने से एक टीम भावना का भी विकास होता है।


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