माह फरवरी 2026 में प्रस्तावित फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अर्न्तगत नाइट ब्लड सर्वे हेतु

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उन्नाव।प्रयोगशाला प्राविधिज्ञों का एक दिवसीय प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी उन्नाव सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला सम्बन्धित ब्लॉक के प्रयोगशाला प्रावाधिज्ञों को प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० सत्य प्रकाश जी ने बताया कि फाइलेरिया परजीवी मनुष्य के रक्त में रात्रि में सक्रिय होते हैं अतः फाइलेरिया परजीवी की जींच हेतु नाइट ब्लड सर्वे अभियान जिले के छह ब्लाकों में औरास, हसनगंज, बांगरमऊ, विछिया, अचलगंज, फतेहपुर-84 में चलाया जायेगा। 16 नवम्बर 2025 से 26 नवम्बर 2025 तक संचालित नाइट ब्लड रार्वे गतिविधियों को शत-प्रतिशत सफल बनाया जाये।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल वी०बी०डी० डॉ० जे आर सिंह ने बताया कि फाइलेरिया एक प्रकार के परजीवी Wuchereria bancrofti द्वारा होने वाली बीमारी है। यह एक विशेष प्रकार के मादा मच्छर Culex द्वारा फैलती है। इसमें हाथ, पैर, रतन या अण्डकोष में सूजन (हाइड्रोसील), पेशाब में सफेद रंग की द्रव का स्त्राव (काइलूरिया), लम्बे समय से सूखी खांसी आना (ट्रापिकल स्नोफीलिया) आदि लक्षण के रूप में दिखाई देता है।

जिला मलेरिया अधिकारी डा० अर्चना मिश्रा द्वारा बताया गया कि संक्रमित व्यक्तियों के रक्त में माइक्रोफाइलेरिया होते हुए व्यक्ति के शरीर में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते किन्तु यह मच्छरों के द्वारा बीमारी को फैलाते है। फाइलेरिया परजीवी मनुष्य के रक्त में रात्रि में ही सक्रिय होता है अतः ऐसे रोगियों के पहचान हेतु नाइट ब्लड सर्वे कराया जाता है संक्रमित व्यक्तियों के रक्त में माइक्रोफाइलेरिया होते हुए व्यक्ति के शरीर में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते किन्तु यह मच्छरों के द्वारा बीमारी को फैलाते है अतः ऐसे रोगियों के पहचान हेतु नाइट ब्लड सर्वे कराया जाता हैं। जिससे कि समय रहते बीमारी को नियंत्रित करते हुए अन्य लोगों को इस बीमारी से ग्रसित होने से बचाया जा सके।

16 नवम्बर से 26 नवम्बर 2025 तक चलने वाले नाइट ब्लड सर्व अभियान में रात्रि 10 बजे से 20 वर्ष व उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की रक्त प‌ट्टिकाएं बनायी जायेगी। रक्त प‌ट्टिकाओं के परीक्षणोपरान्त माइक्रोफाइलेरिया धनात्मक पाये गये मरीजों की उपचारात्मक कार्यवाही की जायेगी। फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य सरकार द्वारा वर्ष 2027 निधारित है, अतः इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु मरीज को समय से ढूंढ कर उनका समुचित इलाज कराया जाना आवश्यक है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पाथ संस्था से श्री आलोक कुमार शर्मा द्वारा उपस्थित प्रशिक्षार्थियों को नाइट ब्लड सर्वे सम्बन्धित अन्य जानकारी दी गयी

जनपदीय कार्डिनेटर सीएफएआर संस्था श्री रवि, पीसीआई से स्टेट कार्डिनेटर श्री विकास द्विवेद्वी, जनपदीय कार्डिनेटर श्रीमती प्रज्ञा, बायोलॉजिस्ट के०के० गुप्ता सहित समस्त वी०बी०डी० स्टॉफ उपस्थित रहे।


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