मैथा,कानपुर देहात। तहसील प्रशासन की उदासीनता के चलते बिना सुपर sms के हार्वेस्टर धड़ल्ले से घूम रहे है क्षेत्रीय लेखपाल तहसील मे बैठकर अपनी नौकरी कर रहे है मैथा तहसील एक कृषि-प्रधान क्षेत्र है जहां धान की खेती प्रमुख है। सुपर SMS एक ऐसा उपकरण है जिसे कंबाइन हार्वेस्टर में लगाया जाता है। यह फसल कटाई के दौरान पराली को बारीक काटकर खेत में फैला देता है, जिससे किसानों को उसे जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। पराली जलाने से निकलने वाला धुआं कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसें वातावरण में फैलाता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां और आंखों में जलन जैसी समस्याएं होती हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत सभी कंबाइन हार्वेस्टरों पर SMS लगाना अनिवार्य कर दिया है। राज्य कृषि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने बिना SMS के मशीनें चलाने वालों पर जुर्माना लगाने और मशीनें जब्त करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। पंजाब जैसे राज्यों में बिना SMS के मशीन चलाने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना और मशीन जब्ती का प्रावधान है।
कानपुर देहात जिले में भी ऐसी ही कार्रवाई की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी से यह समस्या बढ़ रही है। मैथा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि कई बाहरी ठेकेदार SMS लगाने से बच रहे हैं। इस संबंध में, मानव सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष त्रिवेदी ने कहा कि किसानों को जागरूक होना पड़ेगा और SMS वाली मशीन से धान कटवाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इससे खेत में जैविक खाद भी तैयार होती है, जो किसानों के लिए फायदेमंद है।




