बांगरमऊ, उन्नाव।11 साल की लंबी लड़ाई के बाद आखिर समाज सेवी फारूक अहमद की मेहनत रंग लाई। अब छोटे-छोटे मामलों को लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा बांगरमऊ मे ग्राम न्यायालय की स्थापना करने के साथ ही आकांक्षा अवस्थी को न्यायाधिकारी नियुक्त किया गया है।
मालूम हो कि क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आम्बापारा (कुर्मिनखेड़ा) निवासी हाईकोर्ट के वरिष्ठ यश भारती अधिवक्ता फारूक अहमद ने बांगरमऊ में ग्राम न्यायालय की स्थापना किए जाने हेतु मार्च 2014 में जनहित याचिका 10697/2014 उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में दायर की थी। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 9 मई 2019 को उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया था कि बांगरमऊ में ग्राम न्यायालय की स्थापना की जाएगी। जल्द ही सिविल जज व अन्य स्टाफ के पद भी स्वीकृत कर दिए गए। 25 फरवरी 2022 को उत्तर प्रदेश सरकार ने बांगरमऊ में ग्राम न्यायालय की स्थापना हेतु आवश्यक धनराशि स्वीकृत की थी। तत्पश्चात उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय को जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बताया था कि सब कुछ तैयार हो चुका है और जल्द ही ग्राम न्यायालय की शुरुआत कर दी जाएगी। जिस पर विश्वास करते हुए 23 मार्च 2022 को उच्च न्यायालय ने फारूक अहमद एडवोकेट की जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया था। लेकिन फिर भी बांगरमऊ में ग्राम न्यायालय संचालित नहीं हो सका । तब एडवोकेट श्री अहमद ने 13 फरवरी 2024 को उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित एक पत्र दिया था कि बांगरमऊ में जल्द से जल्द ग्राम न्यायालय संचालित कर दिया जाए। अन्यथा की स्थिति में वह पुनः उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे। पत्र की प्रति उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रजिस्टार जनरल, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय, जिला जज उन्नाव व जिलाधिकारी उन्नाव को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई थी। पत्र को संज्ञान लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2025 के जारी आदेश में ग्राम न्यायालय स्थापित करते हुए न्यायाधिकारी के रूप में आकांक्षा अवस्थी को नियुक्त किया है। इसकी सूचना मिलते ही नगर व क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी लोग फारूक अहमद एडवोकेट को धन्यवाद दे रहे हैं।




