मैथा,कानपुर देहात। गलत तरीके से कमाए गए धन में कलयुग का वास होता है जबकि मेहनत और ईमानदारी से कमाए गए धन में भगवान श्री कृष्ण का वास होता है। जुआं मदिरा वैश्यावृत्ति में कलयुग का प्रभाव होता है। उक्त बात कस्बा शिवली स्थित ओंकारेश्वर धाम पर चल रही सप्त दिवसीय भक्तमाल कथा के पंचम दिवस की कथा को सुनाते हुए कथा व्यास कौशलेश दास जी महाराज ने उपस्थित श्रोताओं के बीच कही। कथा के दौरान व्यास जी द्वारा भगवान के प्रसाद का महत्व बताया गया तथा प्रसाद के अनादर के प्रभाव एवं पाप के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया गया।
कस्बा शिवली स्थित ओंकारेश्वर धाम मंदिर पर पिछले पांच दिनों से चल रही सप्त दिवसीय भक्तमाल कथा के पांचवें दिन की कथा को सुनाते हुए कथा व्यास कौशलेश दास जी महाराज ने बताया कि गलत तरीके से कमाए गए सोने में कलयुग का वास होता है जबकि ईमानदारी से एकत्रित किए गए सोने में भगवान श्री कृष्ण का वास होता है। उन्होंने राजा परीक्षित की कथा का प्रधान सुनते हुए बताया कि कलयुग ने राजा परीक्षित की बुद्धि भ्रष्ट कर दी थी एक बार राजा परीक्षित शिकार करने जाते हैं और उन्होंने देखा कि उनके खजाने में एक मुकुट रखा है तब राजा ने उस मुकुट को पहन लिया था। वह मुकुट जरासंध का था उसमें कलयुग का वास था। इसी कारण परीक्षित की बुद्धि में कलयुग बैठ गया और अपराध करवा दिया। इसी प्रकार प्रभु के प्रसाद के अनादर के प्रभाव के बारे में जगन्नाथ पुरी धाम की कथा को सुनाते हुए बताया कि जगन्नाथ पुरी धाम में आज भी भगवान जगन्नाथ को जो पुष्प चढ़ाया जाता है उसको दोना कहते हैं। दोना पुष्प जगन्नाथ पुरी के राजा के हाथ को कहा जाता है। कथा व्यास ने बताया कि वहां के पंडे लोग प्रतिदिन भगवान जगन्नाथ का प्रसाद लेकर राजा के यहां जाते थे राजा चौपड़ खेल रहा होता था और उसी हाथ से भगवान का प्रसाद छू लेता था। जबकि जुयें में कलयुग का वास होता है। इसलिए राजा की बुद्धि कुंठित हो चुकी थी यह बात पंडों को काफी बुरी लगती थी। एक दिन राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और वह अपने पाप का प्रायश्चित करना चाहता था। इसलिए राजा ने अपना एक हाथ कटवाकर पाप का प्रायश्चित किया। स्वामी नाभादास जी का कहना है कि भगवान के प्रसाद का त्याग करने वाले को त्याग देना चाहिए। कथा के दौरान प्रमुख रूप से आयोजन प्रदीप दास मिंटू बाबा चंद्र कुमार मिश्रा राम शंकर अग्निहोत्री अवधेश तिवारी पूर्व सभासद विमलेश अग्निहोत्री समाज सेवी वतन राज अग्निहोत्री राम प्रसाद कुशवाहा बाबू सैनी जगत तिवारी छुन्नी तिवारी देवी शिवकुमार तिवारी श्यामू बाबा कौशल किशोर हाकिम सिंह राजकुमार वर्मा सभासद कमल तिवारी अंकित राजू तिवारी समेत काफी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे।




