साइबर फ्रॉड करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के 4 मेंबर गिरफ्तार, सरगना को फेंक अकाउंट व सिम मुहैया कराते थे, सैलरी के अलावा मिलता था 20% कमीशन

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संवाददाता,घाटमपुर।लोगों को बातों ही बातों में फंसाकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा घाटमपुर पुलिस ने किया। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जो दिल्ली में बैठे अपने सदस्यों को ठगी करने के लिए फेक सिम व अकाउंट मुहैया कराते थे।
ठगी करने के बाद शातिर रकम को फेक अकाउंट में ट्रांसफर करते थे, इसके बाद उनके गुर्गे दूसरे जनपदों के एटीएम से कैश निकाल कर उन्हें रकम पहुंचाने के लिए दिल्ली जाते थे। इन सब कामों के लिए गिरोह के सरगना अपने गुर्गों को बाकायदा 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह की सैलरी के साथ 20 प्रतिशत कमीशन भी देते थे।
बैंगलौर में जॉब के दौरान हुई थी ठगों से मुलाकात डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मूलरूप से हमीरपुर के थाना सिसोलर के छानी गांव निवासी सालिकराम व बांदा के जसपुरा थाने के कुंडाडोल निवासी अवधेश निषाद बैंगलौर में नौकरी करते थे! नौकरी के दौरान उनकी मुलाकात साइबर फ्रॉड करने वाले मोहित, राहुल व सौरभ से हो गई तीनों ने सालिकराम व अवधेश को इस गोरखधंधे से जुड़ने के लिए मोटिवेट किया। जिसके बाद उन्होंने यह काम शुरू कर दिया।
डीसीपी साउथ ने बताया कि साइबर फ्रॉड करने वाला गैंग मुख्य रूप से दिल्ली से ऑपरेट होता है। गैंग के सरगना लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के झांसे में लेकर उनके मोबाइल पर एनीडेस्क डाउनलोड कराते थे।
इसके बाद उनके साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। ठगी के बाद रकम फेंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी, इसके बाद सालिकराम व अवधेश अलग-अलग जिलों के एटीएम से रकम निकाल कर गिरोह के सरगनाओं को देने के लिए जाते थे।
डीसीपी साउथ ने बताया कि ठग सालिकराम द्वारा खोले गए फेंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करता था, सालिकराम के पास से पांच अकाउंट मिले हैं, जिनके एक्सेस अवधेश के पास भी है। ठगी के तुरंत बाद अवधेश इन पैसों को खातों से निकाल लेता था। सालिकराम व अवधेश का काम ठगों के लिए फेंक अकाउंट उपलब्ध कराना था।
राहुल और अमित उपलब्ध कराते थे फेंक सिम इसके साथ ही गिरोह से जुड़े बांदा के जरैली गांव निवासी राहुल कुमार व बांदा के किरन चौराहा कर्बला निवासी अमित यादव का काम गैंग के लिए फेंक सिम उपलब्ध कराना था। जिससे साइबर ठग वारदातों को अंजाम देते थे! दोनों के पास से 12 सिम पाए गए हैं,जो अलग-अलग आईडी से खरीदे गए हैं।चारों आरोपियों को चेकिंग के दौरान घाटमपुर के देवमनपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया है। अंतर्राज्यीय गैंग में 8 सदस्य हैं! पूंछताँछ में दिल्ली के रितिक उर्फ संदीप, सौरभ शर्मा व मोहित के नाम प्रकाश में आए हैं। आरोपियों के पास से 4.44 लाख कैश, 3 एटीएम, 2 बाइक बरामद की गई। सालिकराम ने ठगी की रकम से हाल ही में एक पल्सर बाइक खरीदी थी। आरोपियों के खातों में 2.36 लाख रुपए पाए गए हैं, खातों को फ्रीज कराया गया है।


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