उन्नाव। में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार सुरभि गौतम के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करते हुए जिलाधिकारी से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। उन्नाव बार एसोसिएशन ने सदर तहसील की भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्तता के आरोपों को लेकर सुरभि गौतम की त्वरित बर्खास्तगी की मांग की है।
बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एक बैठक आयोजित की, जिसमें तहसीलदार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए और उनका दावा था कि सुरभि गौतम का व्यवहार न केवल पेशेवर नहीं था, बल्कि उन्होंने सरकारी कार्यों में मनमानी और भ्रष्टाचार भी किया है।
अधिवक्ताओं की एकजुटता
बैठक में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने सुरभि गौतम को तत्काल प्रभाव से हटाए जाने की जोरदार मांग की। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार और दुराचार से न्यायपालिका और प्रशासन की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान हो रहा है।
“यह साफ तौर पर हमारी पेशेवर स्वतंत्रता और कामकाजी वातावरण को प्रभावित कर रहा है। हम न्यायालय की गरिमा बनाए रखने के लिए अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की उम्मीद करते हैं,” एक अधिवक्ता ने बैठक में कहा।
जिलाधिकारी से तत्काल कदम उठाने की अपील
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए यह आग्रह किया कि वे तत्काल तहसीलदार सुरभि गौतम के खिलाफ एक निष्पक्ष जांच शुरू करें और कार्रवाई करें, ताकि भ्रष्टाचार की प्रवृत्तियों को रोका जा सके।
इस ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया जाता, तो उन्नाव बार एसोसिएशन गंभीर आंदोलन करने पर विचार करेगा।
सुरभि गौतम का बचाव
वहीं, तहसीलदार सुरभि गौतम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द ही कोई फैसला ले सकता है।
प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया
ज्ञापन मिलने के बाद, जिलाधिकारी ने कहा कि इस मामले की जांच शुरू की जाएगी और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका और प्रशासन में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है और इसकी पूर्ण जांच की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितना सख्त कदम उठाता है और उन्नाव के अधिवक्ताओं के आरोपों की जांच किस दिशा में जाती है।




