मैथा,कानपुर देहात। दो दशक से पहले तक कानपुर नगर व देहात जिले में भाजपा का परचम लहराने एवं छात्र राजनीति से अपने राजनैतिक सफर की शुरुआत करने वाले दिवंगत भाजपा नेता एवं श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन रहे सन्तोष शुक्ला को आज भी शिवली क्षेत्र के लोग याद करते हैं। कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ रखने एवं अपनी दमदार एवं जुझारू कार्यशैली की बदौलत आम जनता एवं आम कार्यकर्ताओं के चहेते संतोष शुक्ला की पुण्यतिथि पर भेवान गांव स्थित महारानी अवंती बाई विद्यालय में आयोजित किए गए कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कस्बा वासियों ने भी उनको याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। दिवंगत भाजपा नेता की पुण्यतिथि कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
महाविद्यालय की छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले भाजपा नेता संतोष शुक्ला ने जब चौबेपुर विधानसभा की राजनीति शुरू की थी तो उनकी दबंग एवं जुझारू कार्य शैली को देखते हुए युवा वर्ग उनको अपना प्रेरणास्रोत मानकर जुड़ता चला गया था। संतोष शुक्ला के क्षेत्र में आने से जहां भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा का संचार हुआ था वहीं क्षेत्र के अपराधियों के बीच खलबली मच गई थी। चौबेपुर शिवली क्षेत्र का बड़ा से बड़ा अपराधी संतोष शुक्ला को अपना दुश्मन मान बैठा था। वर्ष 1996 में संतोष शुक्ला भाजपा की टिकट से चौबेपुर विधानसभा से विधायक का चुनाव लड़े थे लेकिन उनको हर का सामना करना पड़ा था। विधानसभा का चुनाव हारने के बावजूद संतोष शुक्ला का उत्साह कम नहीं हुआ था और वह कार्यकर्ताओं के बीच लगातार पकड़ बनाए हुए थे तथा उनकी हर संभव मदद करते रहते थे। संतोष शुक्ला की स्वच्छ एवं ईमानदार छवि को देखते हुए पार्टी हाई कमान द्वारा उनको श्रम संविदा बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया था। संतोष शुक्ला को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त होते ही इस क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ गया था लेकिन वही इसी क्षेत्र के बिकरु गांव का रहने वाला कुख्यात अपराधी विकास दुबे उनको अपना दुश्मन मानने लगा था। उस समय जब भाजपा के बड़े से बड़े नेता विकास दुबे के अपराधों का विरोध करने की हिम्मत नहीं रखते थे तब संतोष शुक्ला ही एक ऐसे नेता थे जो उसको सीधे तौर पर जवाब देते थे और अपने कार्यकर्ता की मदद करते थे। चौबेपुर शिवली क्षेत्र में संतोष शुक्ला की बढ़ती हुई लोकप्रियता को देखकर विकास दुबे घबरा उठा था और वह उनकी जान का दुश्मन बन बैठा था। सब कुछ जानने के बावजूद संतोष शुक्ला कभी भी विकास दुबे के सामने झुके नहीं और उसको बराबर टक्कर देते रहे। धीरे-धीरे विकास दुबे और संतोष शुक्ला के बीच दुश्मनी बढ़ती चली गई अंतत विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर 12 अक्टूबर वर्ष 2001 को शिवली कोतवाली के अंदर गोली मारकर संतोष शुक्ला की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। संतोष शुक्ला की हत्या के बाद उनकी पत्नी चंद्रप्रभा शुक्ला भी वर्ष 2002 में विधानसभा का चुनाव लड़ी लेकिन उनको भी हार का सामना करना पड़ा। संतोष शुक्ला भले ही आज इस दुनिया में न हो लेकिन उनका परिवार तरक्की कर रहा है वहीं कुख्यात अपराधी विकास दुबे खुद तो गोली का शिकार हुआ ही साथ ही साथ अपराध में साथ देने वाले अपने सभी गुर्गों को भी उनके कर्मों की सजा दिलवा गया है। संतोष शुक्ला की मौत के बाद भी उनके छोटे भाई मनोज शुक्ला भाजपा की राजनीति करते रहे और शिवली क्षेत्र के लोगों से बराबर संपर्क बनाए रखे। रविवार को दिवंगत भाजपा नेता संतोष शुक्ला की पुण्यतिथि पर विद्यालय के प्रबंधक वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल मिश्रा बापू जिला पंचायत सदस्य रामजी अग्निहोत्री मिंटू शुक्ला पूर्व प्रधान सोनू तिवारी विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रीति शुक्ला छेदीलाल वर्मा सत्येंद्र दीक्षित रामपाल यादव दयाशंकर वाजपेयी लाल मिश्रा आदि लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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