सरसौल, कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने महाराजपुर स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में अव्यवस्थाएं पाई गईं, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय गौशाला में कुल 144 गोवंश संरक्षित मिले, जिनमें 92 नर और 52 मादा शामिल हैं। इनमें से चार गोवंश बीमार पाए गए, जिनके तत्काल समुचित उपचार के निर्देश जिलाधिकारी ने मौके पर ही दिए।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि गौशाला में संरक्षित आठ मादा गोवंश प्रतिदिन लगभग 20 लीटर दूध देते हैं। जिलाधिकारी ने भूसा, चोकर, पशु आहार और हरे चारे से संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया। जब सचिव राजकुमार मौर्य से पिछले चार माह का रिकॉर्ड मांगा गया, तो उन्होंने अभिलेख पंचायत भवन में होने की बात कही। इस पर डीएम ने खंड विकास अधिकारी को सभी अभिलेखों की जांच करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान वर्मीकंपोस्ट प्लांट बंद पाया गया और गोबर प्रबंधन भी संतोषजनक नहीं था। गौशाला की इस अव्यवस्था को देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने खंड विकास अधिकारी निशांत राय को व्यक्तिगत रुचि लेकर गौशाला की स्थिति सुधारने और इसे मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने भूसा, चोकर, गुड़, पशु आहार और हरे चारे की आपूर्ति संबंधी जानकारी भी ली। उन्होंने गौशाला संचालन में पारदर्शिता और नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया।




