उन्नाव।कभी-कभी घर के भीतर हुए मामूली विवाद भी जीवनभर का पछतावा छोड़ जाते हैं। बांगरमऊ थाना क्षेत्र के भिखारीपुर रुल्ल गांव में शुक्रवार रात एक मासूम जिद ने पूरे परिवार की दुनिया हिला दी।
15 वर्षीय अनामिका, रात का भोजन करने के बाद जब सोने जा रही थी, तभी मां ने उसे बर्तन धोने को कहा। किशोरी ने मना कर दिया। इसी बात पर मां ने गुस्से में उसे दो थप्पड़ मार दिए। यह पल घर के लिए दुख का सबसे बड़ा कारण बन गया। नाराज अनामिका ने कमरे में जाकर कीटनाशक दवा खा ली।
कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ गई। घबराए परिजन उसे तुरंत सीएचसी बांगरमऊ लेकर पहुंचे। डॉक्टर सुनील राठौड़ ने प्राथमिक उपचार के बाद अनामिका को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति गंभीर बनी हुई है।
घर में मातम का माहौल है। मां और भाई की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। मां बार-बार यही कह रही है — “अगर पता होता कि दो थप्पड़ इतने भारी पड़ जाएंगे, तो मैं उसे डांटती भी नहीं।”
यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है—छोटी-सी नाराजगी और पलभर का गुस्सा कभी-कभी जिंदगी पर भारी पड़ जाता है।




