कानपुर। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत – एक पहल विषय पर “एनीमिया की पहचान – आशा का योगदान” कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को ओल्ड सिपफसा हॉल, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक हुआ। को कार्यक्रम प्राचार्य एवं डीन डॉ. संजय काला, उप प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान एडी स्वास्थ्य डॉ संजू अग्रवाल ने एनीमिया मुक्त भारत में आशा कार्यकर्ताओं के महत्व को समझाते हुये उनको प्रोत्साहित किया। इसी क्रम में डॉ यू बी सिंह ने बताया कि एनीमिया में रोकथाम इलाज से बेहतर है आशा कार्यकर्ता ही समय पर एनीमिया की पहचान कर एनीमिया मुक्त भारत बनाने की असली सूत्रधार हैं। विभागाध्यक्ष डॉ रेनू गुप्ता ने बताया कि आज भी लगभग 57% गर्भवती महिलाऐं एनीमिया से पीड़ित है । भारत सरकार एनीमिया मुक्त भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और निरन्तर अथक प्रयास किए जा रहे है। वहीं नोडल अधिकारी डॉ नीना गुप्ता ने एनीमिया के कारणों पर प्रकाश डाला। डॉ शैली अग्रवाल ने एनीमिया के उपचार के बारे में जागरूक किया। समन्वयक के रूप में डॉ. सीएमएस डॉ अनीता गौतम, डॉ पाविका लाल, डॉ. गरिमा गुप्ता, डॉ. करिश्मा शर्मा एवं डॉ. पवन चौहान ने सक्रिय योगदान दिया। डॉ रेनू गुप्ता के बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं और समाज में एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कार्यक्रम का समापन सभी आशा कार्यकर्ताओं को एनीमिया मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलवा कर किया गया। I इस दौरान मुख्य रूप से निदेशक/एडी एम.ओ.एच.& एफ.डब्ल्यू. कानपुर मण्डल डॉ. संजू अग्रवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर डॉ यू.बी. सिंह, विभागाध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग डॉ. रेनू गुप्ता समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।




