संवाददाता,घाटमपुर। कानपुर के घाटमपुर में वकील हड़ताल पर रहे। इसके बाद वकीलों ने तहसील दिवस में पहुंचकर घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। वकीलों की मांग है, कि बनारस व आगरा के अधिवक्ताओं के साथ पुलिस द्वारा की गयी अभद्रता एवं उत्पीड़न की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाए।
घाटमपुर बार एसोशिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि बनारस व आगरा के अधिवक्ताओं के साथ पुलिस द्वारा की गयी अभद्रता व उत्पीड़न के विरोध में घाटमपुर बार एसोशिएशन ने हड़ताल की है। इसके बाद उन्होंने वकीलों संघ ने घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है, कि बनारस व आगरा के अधिवक्ताओं के साथ पुलिस द्वारा की गयी अभद्रता एवं उत्पीड़न की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाए। इसके साथ अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की भी मांग की है। इस दौरान तहसील पहुंचे वादकारी निराश होकर वापस लौटे
बनारस घटना- जहां अधिवक्ताओं के साथ पुलिस नें दुर्व्यवहार एवं मारपीट की जिससे अधिवक्ता साथी आक्रोशित हैं!
आगरा घटना- जहां अधिवक्ता बन्धु के घर पर रात्रि में घुसकर अधिवक्ता व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुये थाना लाया गया और थाना में भी उसके साथ मारपीट की गयी और यह कहकर धमकाया गया कि पुलिस के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही की तो तुम्हें एनकाउण्टर दिखाकर जान से मार देंगे।
हापुड़ घटना- जिसमें पुलिस उत्पीड़न का शिकार अधिवक्ता समुदाय को होना पड़ा और प्रदेश भर में विरोध दर्ज किया गया। विगत दिनों अधिवक्ता के साथ मारपीट कर उससे पैसे लूट लिये गये, लूट की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस नें बिना जांच-पड़ताल किये हुये, बिना अधिवक्ता के बयान करवाये लूट की धारा को समाप्त कर दिया।
बिल्हौर घटना- विगत दिनों बिल्हौर तहसील में पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं के साथ विद्वेषपूर्ण भावना से कार्यवाही करते हुये, उनके खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज किये गये।
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही है। इन निरन्तर घटनाओं से अधिवक्ता समाज को असुरक्षा एवं आक्रोश व्याप्त है।




