बांगरमऊ, उन्नाव ।क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर रूरी स्थित श्री विशम्भर दयाल त्रिपाठी राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हिंदी पखवाड़े’ एवं ‘प्रतिभा की खोज-2025-26’ का शुभारंभ किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक बदलू खां रहे । पूर्व विधायक श्री खान ने ‘हिंदी सामन्य ज्ञान’ प्रतियोगिता एवं ‘निशुल्क प्रतियोगी हिंदी कोचिंग सेंटर’ का उद्घाटन किया । इस अवसर पर श्री खाने कहा कि ‘निशुल्क प्रतियोगी हिंदी कोचिंग सेंटर’ के संचालन से महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के युवा-युवतियाँ भी लाभ उठा सकेगें ।
उन्होंने हिंदी को गंगा – जमुनी संस्कृति का संवाहक बताते हुए कहा है कि – “ स्वतन्त्रता आन्दोलन से लेकर अब तक हिंदी भाषा के कवियों व् साहित्यकारों ने सामाजिक समन्वय के लिए प्रयाप्त मात्रा में साहित्य लेखन किया है ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कान्त दुबे ने हिंदी की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि –हिन्दी 1500 ई.पू. से वैदिक संस्कृत के रूप में विकसित हुई थी | तब से आज इक्कीसवीं शताब्दी तक आते-आते हिंदी भाषा ने अपने आपको तकनीकीकरण के विविध रूपों में समावेशित कर युवाओं के अंतर्मन में स्थान बनाने में पूर्ण सफलता अर्जित की ।
इस अवसर पर डॉ. नवनीत कौर ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की । डॉ. नलिन कुमार सिंह, डॉ. रजनीश कुमार, अनिल कुमार ने भी विचार व्यक्त किये । आज हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हिंदी सामन्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | प्रतियोगिता में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता करते हुए हिंदी के प्रति अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त की।




