संवाददाता,घाटमपुर। कानपुर के सचेंडी में भांजे से अवैध संबंधों के चलते महिला ने पति की नृशंस हत्या का मामला आया सामने महिला ने अपने प्रेमी भांजे के साथ मिलकर पति की साबड़ से सिर कूच कर हत्या कर दी। पति की हत्या के बाद घर के पीछे बगीचे में उसका शव दफन कर दिया। शव को गलाने के लिए दोनों ने 12 किलो नमक डालकर दफन कर दिया था। अब 10 महीने बाद बहन ने गुमशुदगी दर्ज कराई तो इस हत्याकांड का खुलासा हुआ पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी और उसके आशिक भांजे को गिरफ्तार कर लिया है।मूलरुप से बांदा के मवई घाट व मौजूदा समय में सचेंडी के लालूपुर गांव निवासी 50 वर्षीय शिवबीर सिंह गुजरात में प्राइवेट नौकरी करते थे। गुजरात में नौकरी के दौरान उनकी मुलाकात वाराणसी के गाजीपुर में रहने वाली लक्ष्मी से हुई दोनों के प्रेम संबंध से बढ़ी नजदीकियों के बाद दोनों ने लव मैरिज कर ली थी, उनके तीन बच्चे आनंद, रोहित व अंकिता है। शिवबीर की बहन कांती ने बताया कि 6 साल पहले शिवबीर सिंह पत्नी व बच्चों के साथ गांव में रहने के लिए आया था।गांव में मकान न होने के कारण भांजे अमित ने अपने घर के सामने उन्हें जगह दे दी थी, जहां शिवबीर झोपड़ी बनाकर मां सावित्री, पत्नी व बच्चों के साथ रहता था।इसी दौरान अमित के अपनी मामी लक्ष्मी से प्रेम संबंध हो गए थे। ग्रामीणों से भांजे और पत्नी के अवैध संबंधों की जानकारी होने पर शिवबीर शराब पीकर पत्नी संग मारपीट करता था। जिससे नाराज लक्ष्मी ने पति को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी भांजे के साथ उसकी हत्या की साजिश रची 1 नवंबर 2024 की रात लक्ष्मी ने पूरे परिवार को चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दी।
परिजनों के बेसुध होने के बाद लक्ष्मी ने अमित को बुलाया और शिवबीर के सिर पर साबड़ से सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने बाद आरोपियों ने उसके शव को घर से 500 मीटर दूरी पर हरिपाल और देवपाल के बगीचे में दफना दिया था। सुबह सोकर उठे बच्चों ने पिता के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने बताया कि नौकरी के लिए फोन आ गया था, जिस पर शिवबीर देर रात गुजरात के लिए निकल गए हैं।5 नवंबर को शिवबीर का बड़ा बेटा आनंद नौकरी करने राजस्थान चला गया था। इस दौरान आनंद ने मां लक्ष्मी को फोन कर कई बार पिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उनकी बात हो गई है, वह ठीक हैं। आनंद ने मां से पिता का नंबर मांगा तो उसने बताया कि फैक्ट्री में फोन पर बात करने की अनुमति बिल्कुल नहीं है, उनका मोबाइल नंबर भी नया है, इसलिए उसे याद भी नहीं है।
आनंद ने रक्षाबंधन पर घर आने के लिए मां को फोन किया। इस दौरान उसने पिता का मोबाइल नंबर मांगते हुए उन्हें भी साथ लाने की बात कही,जिस पर लक्ष्मी ने दो माह से शिवबीर से बात न होने की बात कही। मां सावित्री ने बताया कि कई बार उन्होंने भी बेटे के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने लगातार बात होने की जानकारी दी थी।
मृतक की बहन ने 19 अगस्त को भाई शिववीर सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई,आनंद के गांव पहुंचने पर उसने बुआ कांती को पूरी बात बताई। परिजनों को अनहोनी की आंशका हुई शिवबीर की बहन कांती ने सचेंडी थाने में 19 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच शुरू हुई तो पुलिस को शिवबीर के घर से 500 मीटर दूर रहने वाले भांजे अमित और लक्ष्मी के प्रेम संबंधों की जानकारी हुई। पुलिस ने लक्ष्मी को हिरासत में लेकर पूंछतांछ शुरू की तो वह टूट गई और उसने पति की हत्या की बात कबूल कर ली! हत्याकांड की बात सुन पुलिस सन्न रह गई, पुलिस ने अमित को हिरासत में लिया।गले के लॉकेट से हो सकी मृतक की पहचान एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 10 माह बाद बगीचे में खोदाई शुरू की तो वहां से शिवबीर के कंकाल के कुछ अवशेष, बनियान व गले का लॉकेट मिला। परिजनों ने लॉकेट से पहचान कर शव की शिनाख्त की। एडीसीपी वेस्ट ने बताया कि लक्ष्मी और अमित को अश्लील हरकत करते हुए उसके बेटे रोहित ने देख लिया था, जिसके बाद लक्ष्मी ने उसे समझाया कि तुम्हारे पिता आए दिन नशे में धुत होकर हम लोगों के साथ मारपीट करते हैं, हम लोगों को भी अच्छी जिंदगी जीने का हक है, जिस पर रोहित भी मां के बहकावे में आ गया था
लेकिन गांव वालों ने उनके प्रेम संबंधों की जानकारी शिवबीर को दे दी थी,जिसपर शिवबीर सिंह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। जिसके बाद लक्ष्मी ने प्रेमी भांजे के साथ हत्या का अंजाम दिया। हत्यारों ने शव को जल्दी गलाने के लिए 12 किलो नमक डाला था, लेकिन कुछ दिन बाद कुत्तों ने गड्डा खोद कर हड्डियां निकाल ली थी। जानकारी होने पर अमित और लक्ष्मी ने उसकी हड्डियां पनकी नहर में फेंक दी थी।एडीसीपी ने बताया कि हत्यारोपियों की निशानदेही पर शव के कुछ अवशेष बरामद किए हैं। हत्यारोपियों से घटना से जुड़े अन्य और पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
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