कानपुर। शहर में स्मार्टसिटी परियोजनों के तहत करोड़ों रुपए के काम भी हए पर आज भी यहां स्वच्छ भारत अभियान की धज्ज्यिां उड़ाई जा रही हैं। हालात यह हैं कि लोगों के घरों के सेफ्टी टैंक की गंदगी आवास विकास वार्ड 23 के महाबलीपुरम के खुले नालों में बहाई जा रही है। यह हालात तब हैं जब शहर को स्वच्छ बनाने और आमजन को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के लिए जन-जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम के कर्मचारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। इससे न सिर्फ मच्छर पनप रहे हैं, बल्कि संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
आवास विकास वार्ड 23 के महाबलीपुरम में इससे आक्रोशित लोगों ने नगर निगम और जलनिगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैफ्टी टैंक की गंदगी को खुले नाले और मैदान में डाल रहे हैं। नालियों और खुले मैदान में गंदगी जमा होने के कारण उसमें से निकलने वाली दुर्गंध से परेशानी हो रही है। गंदगी के कारण वहां संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना है। जबकि यह बहता नाला भी नहीं है। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह समस्या को जल्द बंद न करने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। महाबलीपुरम विकास समिति अध्यक्ष अवधेश कटियार, महामंत्री अरविन्द राजपूत, क्षेत्रीय पार्षद के प्रतिनिधि चन्दन गौतम, विजयलक्ष्मी सविता, रवि मिश्रा, बबलू करियार, सर्वेश कटियार, अवधेश दीक्षित, बाबूलाल, आर के प्रसाद, सुशील कुरील, शैलेन्द भारतीय, आर. के पाल एवं अन्य क्षेत्रीय पीडित निवासी उपस्थित रहे।




