उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ ने नगर निगम लखनऊ व जल संस्थान को आवश्यक कदम उठाने के दिए निर्देश

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लखनऊ।उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ द्वारा एक जनहित याचिका पर नगर निगम लखनऊ व लखनऊ जल संस्थान से रिपोर्ट मांगी गई थी। आठ माह तक रिपोर्ट न आने की स्थिति में मा० उच्च न्यायालय ने लखनऊ नगर निगम व जल संस्थान को आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं।
ज्ञात हो कि शहर के मोहल्ला पुराना हैदरगंज वार्ड भवानीगंज में वर्ष 2023 में भवन संख्या 293/420 से भवन संख्या 293/331 तक नाला खोदा गया था, जिसका अभी तक निर्माण नहीं किया गया है। इसके साथ ही इन मकानों के सामने सीवर लाइन भी नहीं पड़ी है जिससे आसपास के मकानों की लैट्रिन खुदे हुए नाले में बहकर आती है, जिससे भयंकर गंदगी फैली रहती है। और क्षेत्रीय लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित रहते हैं। इससे क्षुब्ध होकर समीउर्रहमान ने उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता फारूक अहमद एडवोकेट के माध्यम से एक जनहित याचिका संख्या 1085/2024 मा० उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में दायर की थी कि उपरोक्त प्रभावित मोहल्ले में नाला, नाली, रोड, व सीवर लाइन का निर्माण किया जाए। जिसमें दिनांक 13 दिसंबर 2024 को नगर निगम लखनऊ व जल संस्थान लखनऊ से मा० उच्च न्यायालय ने रिपोर्ट मांगी थी। 08 माह तक रिपोर्ट न आने की स्थिति में दिनांक 18 अगस्त 2025 को माननीय उच्च न्यायालय ने नगर निगम व लखनऊ जल संस्थान को निर्देशित किया है कि नाला, नाली, रोड व सीवर लाइन के निर्माण हेतु आवश्यक कदम उठाएं। और मुकदमे की सुनवाई की अगली तिथि 10 सितंबर 2025 नियत की है। अब देखना यह है कि नगर निगम लखनऊ व लखनऊ जल संस्थान मा० उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के अनुपालन में क्या कार्यवाही करते हैं।


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