कानपुर।सोसाइटी फॉर प्रिवेशन एंड अवेयरनेस ऑफ डायबिटीज (SPAD) की मासिक बैठक गैजेस क्लब, कानपुर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह बैठक कई मायनों में विशेष रही क्योंकि लंबे समय के पश्चात संस्था के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष पद पर नए पदाधिकारियों का चयन हुआ। पूर्व अध्यक्ष सीताराम खत्री तथा सचिव अशोक तनेजा एवं कोषाध्यक्ष डॉक्टर दीपक यागनिक के स्थान पर अब संस्था की अध्यक्षता डॉ. संगीता शुक्ला द्वारा एवं सचिव पद का दायित्व डॉ. भास्कर गांगुली और कोषाध्यक्ष पदीन सचदेवा द्वारा ग्रहण किया गया। इस अवसर पर संस्था के सभी सदस्यों ने नए अध्यक्ष सचिव एवं कोषाध्यक्ष का स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दी। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से टाइप 1 और टाइप-2 डायबिटीज से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। डॉ. मनीषा गुप्ता द्वारा टाइप-1 डायबिटीज से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में उच्च HbA1c स्तर एक सामान्य समस्या है, जिसका मुख्य कारण है कि अधिकांश लोग नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच नहीं करते और इंसुलिन की खुराक में आवश्यकतानुसार बदलाव नहीं करते। डॉ. सौरभ मिश्रा ने टाइप-2 डायबिटीज की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज से पीडित अनेक लोग नियमित रूप से अपनी शुगर, बी.पी., वजन और लिपिड प्रोफाइल की निगरानी नहीं करते, जिसके कारण इनका समुचित नियंत्रण नहीं हो पाता। इस विचारगोष्ठी में विशेषसी और सदस्यों के बीच उपयोगी चर्चा हुई और निदान के संभपित उपायों पर भी मंथन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से रोहित टंडन, ऋषि शुक्ला, अशोक तनेजा, सुमित गुप्ता, भोला नाथ गुप्ता, गुलशन चावला एच० ऐस० कुशवाहा, ओ० पी० बदलानी, सीता राम खत्री ऐस० के० श्रीवास्तवा, सुधा श्रीवास्तवा, रंजना सक्सेना विशाल शुक्ला, मीना श्रीवास्तव,इंदू पांडेय उपस्थित रहे।




