उन्नाव में छात्रा ने डीएम और पुलिस कप्तान बन कर की जनसुनवाई, मिशन शक्ति के तहत क्षेत्र की बेटियों को मिला आत्मविश्वास

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उन्नाव। एक अनूठी पहल के तहत बेटियों ने जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान बन की जनसुनवाई, डी एम व एसपी के रूप में किया कर्तव्यों का निर्वहन।मिशन शक्ति के तहत उन्नाव की रहने वाली छात्रा राहेमीन ने डीएम गौरांग राठी के स्थान पर व छात्रा खुशबू ने एसपी दीपक भूकर के स्थान पर फरियादियों की सुनी समस्याएं।

जिलाधिकारी गौरांग राठी व एसपी दीपक भूकर के निर्देशन में “मिशन शक्ति फेज-05” अभियान के तहत आज जिलाधिकारी कार्यालय में उन्नाव की रहने वाली छात्रा राहेमीन को एक दिन के लिए डी एम का कार्य भार दिया गया। जिला अधिकारी के रूप में उसने कार्यालय में आए फरियादियों की जनसमस्याओं को सुना और उनके उचित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी नें उक्त बालिका को जिलाधिकारी के कार्यों की जानकारी दी।
कक्षा सात की छात्रा खुशबू चौरसिया को गुरुवार को एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक का कार्यभार सौंपा गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में “मिशन शक्ति फेज-05” के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ विधिक जागरूकता फैलाना है। बता दे की पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में खुशबू ने पुलिस अधीक्षक की भूमिका निभाते हुए जनसुनवाई की और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को सुना। खुशबू ने बेहद गंभीरता से नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए निर्देश दिए। इस अनुभव ने न केवल खुशबू को आत्मविश्वास दिया, बल्कि क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी प्रेरित किया। खुशबू ने कहा, “यह अनुभव बहुत खास था। इससे मुझे यह महसूस हुआ कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं, अगर उन्हें सही अवसर और समर्थन मिले।” इस कार्यक्रम के जरिए खुशबू ने यह संदेश दिया कि महिलाएं किसी भी भूमिका में प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने खुशबू को पुलिसिंग की बारीकियों से अवगत कराया और समझाया कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बनाना भी है। उन्होंने खुशबू को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वह अपने साथियों के लिए प्रेरणा बने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें। “मिशन शक्ति” का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा के साथ-साथ उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरूक करना है। इस पहल से क्षेत्र की बेटियों में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ी है, जिससे वे न केवल अपनी समस्याओं को लेकर मुखर हो रही हैं, बल्कि अपने अधिकारों की भी रक्षा कर रही हैं।


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