चोटग्रस्त व बीमार निराश्रित गौवंशों को कई साल से मिल रहा अंकित शुक्ला का सहारा

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उन्नाव।राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद के संस्थापक/अध्यक्ष अंकित शुक्ला के माध्यम से चोटग्रस्त, बीमार व मरे गोवंशोंको एक नया जीवन देने का सहारा मिलता रहता है। कभी गौवंश का टूटे पैर का प्लास्टर कभी बीमार गोवंश का उपचार करते देखा जाता है तो कभी मरे गौवंश को खोद कर गाड़ते हुए देखा जाता है। अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने बताया कि जितनी लगन व निष्ठा से आज का युवा राजनीतिक पार्टियों के कार्य कर रहा है उतना ही गौवंश की सुरक्षा के लिए करने लगे तो भारत देश का नाम रोशन हो जाए।

जनपद के गौवंश की सेवा की बीड़ा उठाया है अंकित शुक्ला ने। विभिन्न जगह-जगह पर गत दो वर्ष से क्षेत्र में घायल व मरे गौवंश का उपचार करके उनकी सेवा कर रहे हैं। धर्म व गो माता के नाम पर मर मिटने का दम भरने वाले तो बहुत हैं। पर जब वहीं गो माता कहीं घायल पड़ी कराह रही होती हैं, तो उनके दर्द को महसूस करने वाले बिरले ही मिलते हैं जहां घायल गाय सप्ताह भर से तड़प रही थी, पर उसके इलाज व देखभाल के लिए कोई आगे नहीं आया। वह तो भला हो राष्ट्रीय सैनिक छात्र सेवा परिषद जो उसके इलाज को आगे आए एक गाय घायल व लाचार अवस्था में पिछले एक सप्ताह से कराह रही थी। लोग आते-जाते उसको देखते और मुंह फेर लेते थे। उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं था। किसी तरह संस्था अध्यक्ष अंकित शुक्ला की नजर उस गाय पर पड़ी तो उन्होंने फौरन इसकी सूचना संस्था के सदस्यों को दी। फिर क्या था, देखते ही देखते संस्था की पूरी टीम जुट गई। वह उसकी सेवा व इलाज कराने लगे। रविवार को भी उसका इलाज जारी रहा। अध्यक्ष अंकित शुक्ला ने बताया कि हमें जहां भी कोई गो वंशीय पशु घायल या बीमार अवस्था में दिखाई देता है, हम उसकी सेवा में जुट जाते हैं। या कहीं से कोई सूचना भी दे दे तो हम वहां पहुंचने का पूरा प्रयास करते हैं। आगे भी हमारा यह मिशन जारी रहेगा। दो वर्ष से क्षेत्र में घायल गोवंश का उपचार करके उनकी सेवा कर रहे हैं। उन्हें पता चला कि उन्नाव बस अड्डा के निकट एक गाय व बछड़ा घायल हैं तो तुरंत इन युवकों ने मौका पर पहुंच कर इनका उपचार किया। जानकारी देते हुए इन युवकों के मुखिया अंकित शुक्ला ने बताया कि दो वर्ष पूर्व ही उन्होंने पहले गो सेवा का यह कार्य आरंभ किया था। परंतु अब उनके कार्य को देखते हुए आसपास के क्षेत्र के लोग भी उन्हें बुला लेते हें। उन्हें अब जहां भी पता चलता है कि गोवंश बीमार या घायल है तो वह स्वयं ही वहां पहुंच कर उन्हें उपचार देते हैं। सूचना मिली थी गोवंश घायल है जिसके बाद वह यहां इस गोवंश का उपचार करने पहुंचे हैं। संस्था अध्यक्ष अंकित शुक्ला के इस प्रयास की क्षेत्र भर के लोग सराहना कर रहे हैं इलाज के दौरान सूरज राय, संदीप पांडेय, शुभम श्रीवास्तव, मोहित पांडेय सहित तमाम लोग गाय के इलाज में लगे रहे।


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