24 घंटे में पांच ट्रांसफार्मर हुए खराब, 38 जगह टूटे तार

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उन्नाव।भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। हालत यह है कि ट्रांसफार्मर और तार जवाब दे रहे हैं। शहर में 24 घंटे में पांच स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मरों में खराबी आई और 38 स्थानों पर तार और जंपर टूटे। इससे बिजली का आवाजाही जारी रही।पिछले 20 दिन से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। पिछले कुछ दिन तो पारा 44 से 45 डिग्री के बीच बना रहा। गर्मी के चलते बिजली ट्रांसफार्मर और लाइनों में फाल्ट की भरमार है। हालत यह है कि हर आधे-पौन घंटे में बिजली चली जाती है। फाल्ट मरम्मत के बाद जब जैसे ही आपूर्ति चालू होती है कुछ ही देर में कहीं और फाल्ट हो जाता है। बिजली कर्मचारी फीडर की आपूर्ति बंद कराकर फाल्ट की मरम्मत करते हैं। यह सिलसिला सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक और शाम सात से रात 12 के बाद तक जारी रहता है।बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गर्मी होने से बिजली खपत में 50 मेगावाट का इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में 300 मेगावाट की खपत इस समय 350 मेगावाट तक पहुंच गई। बताया कि हर फीडर पर लोड बढ़ा है। 180 से 200 एंपियर तक लोड होने से ट्रांसफार्मरों में खराबी और तार टूटने की समस्या ज्यादा हो रही है। बिजली विभाग के एक्सईएन सूर्योदय कुमार ने बताया कि बिजली की खपत बढ़ने से फीडर, ट्रांसफार्मर और लाइनें ओवर लोड हैं और फाल्ट ज्यादा हो रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रवार टीमें लगाकर फाल्टों की जल्द से जल्द मरम्मत करा आपूर्ति चालू कर दी जाती है।

रिवैंप योजना में सुस्ती ने बढ़ाईं मुश्किलें
जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार ने रीवैंप (रुरल इकोनामिक वैल्यू एडेड मॉनीटरिंग प्रोग्राम) के तहत 125 करोड़ के सुधार कार्यों को मंजूरी दी है। लेकिन काम शुरू होने के आठ महीने बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। वितरण खंड प्रथम में 11 केवी फीडरों की ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए 134 किलोमीटर की नई लाइन के सापेक्ष अभी तक केवल 8.90 किलोमीटर काम ही हो सका है। दूसरे खंड में 216.68 किलोमीटर के सापेक्ष केवल 20.07 किलोमीटर लाइन ही पड़ सकी है। तीसरे खंड में 396.80 किलोमीटर के स्थान पर केवल 23.25 किलोमीटर, चौथे खंड में 101.09 सापेक्ष 39.08 किलोमीटर और पांचवें खंड में 428.18 किलोमीटर के स्थान पर केवल 73.80 किलोमीटर नई बिजली लाइन ही डाली जा सकी है।


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