नीरज बहल
कानपुर। अयोध्या धाम में 22 जनवरी को भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, उससे पहले ही पूरा देश राममय हो चुका है। श्री राम के प्रभाव से चिकित्सा संस्थान और चिकित्सक गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज से सम्बद्ध लाला लाला लाजपत राय चिकित्सालय के न्यूरो साइंस विभाग में मरीजों को राम धुन का मरहम लगाना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह पहले शुरू हुए इस अभिनव प्रयोग का असर भी दिखने लगा है। सिर पर चोट लगने से उत्तेजित मरीजों का मस्तिष्क राम धुन सुनने से शांत हो रहा है साथ ही मरीजों का बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर नियंत्रित हो रहा है। अब मेडिकल छात्रों से राम धुन का मरीजों पर होने वाले असर का अध्यन कराने की तैयारी है। न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मनीष सिंह ने राम धुन का यह अनूठा प्रयोग मरीजों पर करना शुरू किया है। उन्होंने ने बताया कि न्यूरो सर्जरी विभाग में सिर पर चोट लगने से मरीज गंभीर स्थिति में आते है। सिर पर चोट से उबरने के में उन्हें काफी समय लगता है,इसलिए इलाज के साथ भगवान के भजन से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। डॉ मनीष सिंह का कहना है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के कारण चारों तरफ राम नाम की गूँज है। गीत संगीत भजनों में श्री राम की महिमा का बखान हो रहा है,,राम सबके है, इसलिए मरीजों को दर्द से उबारने के लिए राम धुन भी सुना रहे हैं। उन्होंने बताया की वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों के मोबाइल पर राम धुन अपलोड कराई गई है,,दूसरे धर्म संप्रदाय के मरीजों को स्वजन अपने हिसाब से इसे कर रहे हैं,,उन्हें सुबह शाम मध्यम सुर में राम धुन सुनाई जा रही है,इसके लिए नर्सिंग स्टाफ से लेकर रेजिडेंट को भी निर्देश दिए गए है। डॉ श्री सिंह के मुताबिक राम धुन सुनने के बाद मरीजों में बदलाव दिखने लगा है। मरीजों का बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर पहुंचने लगा है तथा मरीजों को दर्द में आराम मिलने से उनको अच्छी नींद भी आ रही है। उनका कहना था की मरीजों के इलाज संग ईश्वर से मरीज के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी करते हैं। आपको बता दे की संगीत थेरेपी का मरीजों में असर होता है, बर्शते ध्वनि बहुत हल्की होनी चाहिए जोकि सुनने में अच्छी लगने से तनाव और थकान दूर होती है और मूड भी अच्छा होता है और दर्द में आराम मिलता है। इससे मरीजों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।




