हरिशंकर शर्मा
कानपुर। रात में 1:00 बजे रहे थे कि तभी डॉ सीमा द्विवेदी को सूचना मिली कि एक प्रसूता की हालत बहुत गंभीर है और उसे खून की बूत कमी है जो कि न के बराबर है। 1 ग्राम खून वाले मरीज का 1 घंटे का सफल ऑपरेशन कर डॉ सीमा द्विवेदी और उनकी टीम ने मरीज़ महिला की जान बचाई ।
जानकारी के अनुसार एक दिन पहले 25 वर्षीय जूही कानपुर निवासी महिला डॉ अनुराग के यूनिट में सर्जरी विभाग में आकर भर्ती हुई। उनकी टीम समस्त जांच कराकर तुरंत निष्कर्ष पर आई कि बच्चेदानी की नली फट गई है जिसके कारण अंदरूनी रक्तस्राव हो रहा है। हालत गंभीर देखते हुए तुरंत ही प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में मरीज को स्थानांतरित किया गया। मरीज के शरीर में सिर्फ एक ग्राम खून था और उसके पेट में 3 लीटर रक्त स्राव हो चुका था। मरीज को बेहोश कर एक मेजर ऑपरेशन करना एक जटिल चुनौती थी। ब्लड बैंक ने तुरंत तीन बोतल खून की व्यवस्था करवाई। बेहोशी वाली टीम जिसमें डॉ मनीषा, डॉ शिवम,डॉ कृष्णा थे उन्होंने बड़े ही कुशलता से पूरा ऑपरेशन कराया और मरीज को तुरंत आईसीयू ले गए डॉ सीमा द्विवेदी की टीम में डॉ शालिनी, डॉश्रुति डॉ शिवांगी आदि मौजूद थे। अब मरीज बिल्कुल ठीक है और स्वस्थ है। भले मरीज पेट में दर्द आंतों की सूजन और पेट फूलने के साथ भर्ती हुआ था लेकिन हर पेट दर्द आंतों से संबंधित नहीं होता,गर्भाशय के रोग भी हो सकते हैं इस प्रकार चार विभागों के सामूहिक एवं सक्रिय प्रयास से अति गंभीर मरीज को भी बचाया जा सका।




