अहमदाबाद के ओढ़व इलाके में GST अधिकारी बनकर कारोबारी के कर्मचारी से 34.15 लाख रुपये लूटने के मामले में क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी प्रितम गोहिल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी पहचान के सहारे वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लूट की योजना पहले से तैयार की गई थी। अब पुलिस इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
कार सवार बदमाशों ने खुद को बताया GST अधिकारी
पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर को केतन परिख अपने साथी के साथ वस्त्राल से बापूनगर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रामराज्य ब्रिज के पास स्विफ्ट कार में आए कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने खुद को GST अधिकारी बताकर दोनों को धमकाया और उनके पास मौजूद नकदी से भरे बैग तथा तीन मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद दोनों को कार में बैठाकर गांधीनगर के धोलाकुवा के पास छोड़ दिया और फरार हो गए।
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी प्रितम गोहिल ने विश्वजीत गोस्वामी को इस वारदात के लिए पांच लाख रुपये देने की बात तय की थी। आरोप है कि उसने कारोबारी की तस्वीर और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराकर लूट की योजना बनाने में भूमिका निभाई।
दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
जांच के दौरान विश्वजीत गोस्वामी और खेड़ा निवासी महीपाल के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रितम गोहिल साबरमती क्षेत्र में वर्ष 2025 में दर्ज लूट और मारपीट के एक अन्य मामले में भी वांछित था।
क्राइम ब्रांच ने प्रितम को पकड़ने के बाद फरार आरोपियों विश्वजीत और महीपाल की तलाश तेज कर दी है। पुलिस वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका और लूट से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।




