कानपुर।केंद्रीय बजट को लेकर विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय युवा अभिमान सभा (आरवाईएएस) इंडिया के राष्ट्रीय महामंत्री उमेश द्विवेदी ने बजट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बजट युवाओं और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है।उमेश द्विवेदी ने कहा कि बजट में रोजगार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन बेरोजगारी कम करने के लिए कोई ठोस और प्रभावी उपाय नजर नहीं आते। देश का युवा वर्ग रोजगार के लिए भटक रहा है, वहीं सरकारी घोषणाएं केवल आंकड़ों और वादों तक सीमित दिखाई देती हैं।उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार आम आदमी की कमर तोड़ रही है। घरेलू महिलाएं रसोई का खर्च संभालने में परेशान हैं और मध्यम वर्ग की आय महंगाई के मुकाबले लगातार घटती जा रही है। इसके बावजूद बजट में महंगाई नियंत्रण को लेकर कोई ठोस रणनीति सामने नहीं आई।उमेश द्विवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। बजट में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात तो की गई है, लेकिन युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और आम जनता के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई।उन्होंने सरकार से मांग की कि देश में रोजगार सृजन, महंगाई पर नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और आम नागरिकों के आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बजट वास्तव में जनकल्याणकारी साबित हो सके।




