सरसौल,कानपुर।लखनऊ क्षेत्र के मध्य निषेध विभाग ने बुधवार को कानपुर के बौसर स्थित ऊषा पॉपुलर शिक्षा संस्थान में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उसके गंभीर दुष्परिणामों के प्रति छात्रों को जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए नशा मुक्ति से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विभाग के उप क्षेत्रीय मध्य निषेध अधिकारी ब्रजमोहन ने प्रतियोगिता में विजयी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य वी.पी. विद्यार्थी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार परिवार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, उसी तरह उसे सुरक्षित रखने के लिए मादक पदार्थों और नशे से दूरी बनाना भी आवश्यक है। उन्होंने ‘नशा मुक्त भारत’ के तहत नशा मुक्त जीवन जीने के कई लाभों पर प्रकाश डाला।
विभिन्न शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को नशे के खतरों से आगाह किया गया। उन्हें बताया गया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाता है, साथ ही उसके शैक्षिक, पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहकर अनुशासित जीवन अपनाने, शिक्षा एवं खेल गतिविधियों में रुचि बढ़ाने तथा सकारात्मक सोच के साथ उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, गलत संगत से बचने और किसी भी प्रकार की नशा-संबंधी गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर देने का आग्रह किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य वी.पी. विद्यार्थी, मेरा युवा भारत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार से हिमांशु मिश्रा,स्टाफ सदस्य एस.एस. प्रजापति, विपिन तिवारी, प्रांजुल कुमार, शालिनी कुशवाहा, प्रियांशी, सनी बी.डी.सी. सहित अंशी कुशवाहा, रागिनी, काजल, मनीषा, पूजा, नित्यांशी, दिव्यांशु, राज, आशीष, शिवांक, मौजूद रहे।




