अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ के लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ अब कानपुर में देंगे परामर्श,गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल में होगी विशेष ओ पी डी। लिवर की गंभीर बीमारियों के लिए मिलेगा विशेषज्ञ परामर्श

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कानपुर। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रखते हुए, अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल,लखनऊ द्वारा कानपुर के गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल में लिवर से जुड़ी बीमारियों एवं लिवर ट्रांसप्लांट हेतु विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा। इस विशेष ओपीडी का नेतृत्व डॉ. अभिषेक यादव,सीनियर डायरेक्टर एवं एचओडी,लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी,अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ करेगे। डॉ. यादव हर महीने के तीसरे बुधवार को द गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस ओ पी डी को लॉन्च करते हुए डॉ अभिषेक यादव ने मीडिया को बताया “भारत में हर साल 2.5 से 3 लाख लोग लीवर रोग और लीवर सिरोसिस के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। लीवर रोग अब भारत में मृत्यु का 8वां सबसे आम कारण बन चुका है,जबकि 10 साल पहले यह 10वें स्थान पर था। भारत में सालाना केवल 2500–3000 लीवर ट्रांसप्लांट ही होते हैं,जो कि वास्तविक ज़रूरत का केवल 1–2 फीसदी ही है। फैटी लीवर डिजीज तेजी से बढ़ रही है और भारत की 30-35 फीसदी आबादी इससे प्रभावित है, कुछ क्षेत्रों में यह संख्या 50 फीसदी तक पहुँच चुकी है। उत्तर प्रदेश की आबादी जो कि भारत की लगभग 17 फीसदी आबादी का हिस्सा है,में करीब 50,000-60,000 लोग हर साल लीवर रोगों के कारण मौत के मुंह में चले जाते हैं,लेकिन केवल 200-250 लीवर ट्रांसप्लांट ही सालाना हो पाते हैं और ये ज्यादातर एनसीआर क्षेत्र में होते हैं। पूरे राज्य में केवल चार लीवर ट्रांसप्लांट सेंटर हैं,जबकि तमिलनाडु में 42, महाराष्ट्र में 36,दिल्ली एनसीआर में 35, कर्नाटक में 25 और केरल में 19 सेंटर हैं। ऐसे में ज्यादातर मरीजों को अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है,जिससे इलाज की लागत बढ़ जाती है और पोस्ट-ट्रांसप्लांट फॉलो-अप कठिन हो जाता है। अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ में हम वयस्कों के साथ साथ बच्चों व नवजातों के लिवर ट्रांसप्लांट भी कर रहे हैं। अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल व द गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल का यह कदम कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में उन्नत लिवर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और सुदृढ़ करेगा और मरीजों को अपने शहर में विश्वस्तरीय देखभाल प्रदान करेगा। द गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल के चेयरमैन और वरिष्ठ गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के कारण अब लीवर ट्रांसप्लांट की सफलता दर 95% से 97% तक हो गयी है जो यह साबित करती है कि यह सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित और कारगर है।सही समय पर निर्णय लेने और आधुनिक तकनीक के उपयोग से लीवर फेलियर के मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। इस ओपीडी का उद्देश्य कानपुर के लोगों को उनके शहर में ही उच्च स्तरीय लिवर केयर परामर्श उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत कानपुर में अपोलो लिवर क्लिनिक से मरीजों को विशेषज्ञ देखभाल और आधुनिक तकनीक का लाभ सीधे मिल सकेगा। डॉ. मयंक सोमानी, एमडी और सीईओ,लखनऊ और कानपुर के बीच बन रहे आगामी एक्सप्रेसवे और बेहतर कनेक्टिविटी के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “लखनऊ और कानपुर के बीच कनेक्टिविटी सुधरने से मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। अब एडवांस लीवर केयर के लिए मरीजों को लंबी दूरी तय करके दिल्ली या मुंबई भागने की जरूरत नहीं है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से, कानपुर के मरीज महज 45 मिनट में लखनऊ पहुंच सकते हैं यह न केवल आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षक साबित होगा, बल्कि ऑपरेशन या ट्रांसप्लांट के बाद होने वाले फॉलो-अप के लिए भी बेहद सुविधाजनक होगा,जिससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। लखनऊ अब यूपी और आसपास के राज्यों के लिए तेजी से उभरता हुआ मेडिकल हब बन रहा है। अपोलो हॉस्पिटल का यह प्रयास मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है। कानपुर में हमारे विशेषज्ञों की उपस्थिति स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत और सुविधा साबित होगी।


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