अमौली,फतेहपुर। कस्बे में लगने वाले मेले की तैयारियां प्रतिवर्ष की भाती 154वां ऐतिहासिक मेला और रामलीला का फिर से आगाज़ होने जा रहा है। बता दे की पुरानी बाजार स्थित राम लीला मैदान में 1 दिसंबर से भव्य रामलीला का आयोजन किया जाएगा। जिसको लेकर मेला कमेटी के लोगों ने तैयारियों की शुरुआत कर दी है। रविवार सुबह कस्बे स्थित मेला प्रांगण में पत्रकारों ने मेला की साफ-सफाई सहित अन्य समस्याओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। और कमेटी के सदस्यों सहित कस्बे के अन्य दुकानदारों से जानकारी ली। जहां कस्बे के दुकानदारों ने बताया कि मेला के 10 दिन बचे हुए हैं। लेकिन साफ सफाई की समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है। रोड के पास बने नाला की सफाई तो पिछले महीने करवाई गई है लेकिन नाले के ऊपर रखी पटिया अभी भी नालियों के बाहर पड़ी हुई है। जो आने-जाने वाले लोगों सहित जानवरों के लिए गिरने का खतरा बनी हुई है। इसके साथ मेला मैदान पर कूड़ा करकट गोबर सहित मवेशियों का जमावड़ा लगा हुआ है। जिसको लेकर कमेटी के प्रबंधक हरि नारायण त्रिवेदी से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि मैं इस मेला कमेटी में नया सदस्य जुड़ा हूं प्रबंधक पद दिया गया है। मेरा प्रयास है कि विगत वर्षों की अपेक्षा इस बार बेहतर मेला करवाने का प्रयास करूंगा। जहां मेला के दुकानदारों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साफ-सफाई को लेकर एक लिखित पत्र विकास खण्ड अधिकारी को कमेटी के द्वारा दिया जा रहा है। जिससे वहां से सफाई कर्मियों की टीम गठित करके सफाई का काम प्रारंभ करवाया जाएगा। पेयजल व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि अभी यहां एक हैण्डपम्प चालू स्थित में है। दो खराब पड़े हैंड पंपों की मरम्मतीकरण करवाकर संचालित करवाए जाएंगे। मेला के संरक्षक हरिनारायण त्रिवेदी के द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा मेला के सुंदरीकरण हेतु एक करोड़ का बजट पास हुआ है। समय कम मिल पाने के कारण संपूर्ण कार्य मेला के बाद करवाया जाना सुनिश्चित किया गया है। जिसकी देखरेख कमेटी के सदस्यों को द्वारा की जाएगी।
वहीं क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र सिंह पटेल से भी शौचालय को लेकर मंडल कार्यालय में वार्ता की गई थी। तो उन्होंने यही बताया कि इस बार आटोमेटिक शौचालय की व्यवस्था कराई जाएगी। जिससे किसानों की फसलों पर हो रहे नुक़सान से उन्हें बचाया जा सकता है।मेला समाप्ति के बाद सुंदरीकरण का काम प्रारंभ हो जाएगा। वही कई ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि अमौली मेला की कमेटी के द्वारा दुकानदारों से जगह के नाम पर अवैध वसूली की जाती है जिससे बड़े-बड़े सर्कस, मौत का कुआं, झूला,हर प्रकार की दुकानें मेले पर नहीं पहुंच पाती हैं। जिसके बारे में प्रबंधक ने खुलासा कर बताया कि 50 रुपए मीटर के हिसाब से दुकानदारों से किराया लिया जाता है। बड़े-बड़े सर्कसों से इस तरह की कोई वसूली अब नहीं होगी। अगर वह आना चाहे तो उनका आने जाने का किराया भी कमेटी के द्वारा मुहैया करवाया जाएगा।
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