शिवली,कानपुर देहात। दीपावली के पावन पर्व पर प्रतिवर्ष की बात इस वर्ष भी शिवली क्षेत्र के नेवादा देवराय गांव में धनुष यज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धनुष यज्ञ कार्यक्रम का शुभारंभ मवैया जिला पंचायत सदस्य रामजी अग्निहोत्री एवं समाज सेवी धीरु अवस्थी,एडवोकेट अनूप सिंह यादव व ग्राम प्रधान राम किशन सोनकर ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व श्रीराम लखन की आरती के कर किया। जिसमें धनुष भंग लीला में लक्ष्मण परशुराम के हुए तार्किक पूर्ण संवाद को सुन दीर्घा में बैठे दर्शक गण मंत्रमुग्ध हो उठे।
शिवली क्षेत्र के नेवादा देवराय(भोला निवादा) गांव में श्रीराम लीला समिति के तत्वावधान में हनुमान गढ़ी आश्रम पर विगत 19 वर्षों से दीपावली पर्व की प्रतिपदा में आयोजित होती चली आ रही राम लीला में जिला पंचायत सदस्य पति मवैया राम जी अग्निहोत्री,समाजसेवी धीरु अवस्थी, आशू तिवारी एवं ग्राम प्रधान राम किशन सोनकर ने संयुक्त रूप से फीता काट श्री राम लखन की आरती कर रामलीला का शुभारम्भ किया।जहा ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा धनुष भंग लीला का मंचन किया गया। धनुष यज्ञ कार्यक्रम में राजा जनक के प्रण के अनुरूप सिया स्वयंबर में दीप दीप के राजाओं ने प्रतिभाग किया और अपने अपने बल को अजमाया लेकिन शिव धनुष किसी से उठना तो बहुत दूर लेकिन तिल भर हिला तक नहीं ऐसा देख जनक ने दरवार में आए महिपालो से कहा कि *वीर विहीन मही मैं जानी* क्या ये पृथ्वी वीरों से खाली है एसी अनुचित बानी सुन लक्ष्मण की आंखें लाल और भृगुटी तन गई और कुछ बोले इस पर श्री राम ने उन्हें शांत किया तभी गुरु विश्वामित्र जी का आदेश पा श्री राम धनुष के पास पहुंचे और गुरु को प्रणाम किया *गुरहिं प्रणाम मनहि मन कीन्हां अति लाघव उठाय धनु लीन्हा* *तभी लेत चढावत खैचत गाढ़े,काहु न लखा देख सब ठाढे* और श्री राम के धनुष मात्र छूने से ही दो भागों में विभाजित हो गया।इधर धनुष के टूटते ही महेंद्राचल पर भार्गव नन्दन परशुराम का ध्यान भंग हो गया और उन्हें आभास हो गया कि किसी ने उनके शिव धनुष के साथ कुछ न कुछ किया है और वह सीधे जनक दरवार पहुंचे और शिव धनुष के खंड जमीन पर पड़े हुए हैं।इस पर क्रोध कर बोले जिसने यह कृत्य किया है वह इस सभा से बाहर हो जाए अन्यथा सभी लोग दंड के पात्र होंगे इतना सुन लक्ष्मण ने कहा कि इस धनुष से इतना तुम्हें लगाव क्यों है ऐसी तो बचपन में मैंने अनगिनत धनुहिया तोड डाली तब आपने क्रोध नहीं किया मानो आग में घी लग गया हो और परशुराम लाल लाल आंखें कर लक्ष्मण से बोले *रे नृप बालक काल बस बोलत तोहि न संभार* इस प्रकार लम्बे तार्किक पूर्ण संवाद से दर्शक गण मंत्रमुग्ध हो उठे।इस दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ राजेश तिवारी, कोषाध्यक्ष बीरेंद्र तिवारी, राज शुक्ला, अनिल पांडेय आचार्य, सुनील कुमार पाण्डेय, कल्लू तिवारी, पूर्व प्रधान सोनू तिवारी, संकज मिश्रा, लक्ष्मी कांत बाजपेई,छक्की लाल पाल,अरविंद पाल सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।




