सरसौल,कानपुर।दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का समापन भाई दूज पर्व के साथ होगा। पंचांग के अनुसार, यह पर्व 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं, जबकि भाई बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
पंडित निर्मल शास्त्री के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 22 अक्तूबर की शाम 6:18 बजे से शुरू होकर 23 अक्तूबर की रात 8:23 बजे तक रहेगी।
तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:13 बजे से 03:28 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान तिलक करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
पंडित शास्त्री ने बताया कि कार्तिक मास की द्वितीया तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे।
यमुना ने उनका आदर-सत्कार किया, तिलक लगाया और भोजन कराया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि इस दिन बहन से तिलक करवाने वाले भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। तभी से यह पर्व यम द्वितीया या भाई दूज के नाम से प्रचलित हुआ।




