कानपुर। योग व आयुष के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु इंस्टिट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, कानपुर द्वारा वर्ष 2024- 25 का प्रतिष्ठित “असीमा आयुष राष्ट्रीय पुरस्कार” देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्रीकुंज, शांतिकुंज, हरिद्वार को प्रदान किया गया।’
योग तथा आयुष के क्षेत्र में बहुआयामी एवं अनुकरणीय योगदान हेतु इंस्टिट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, कानपुर द्वारा वर्ष 2024-25 का प्रतिष्ठित “असीमा आयुष राष्ट्रीय पुरस्कार” 20 सितंबर तपोनिष्ठ, वेद मूर्ति, युग ऋषि श्रीराम शर्मा आचार्य जी के जन्म दिवस पर योग तथा स्वास्थ्य संकाय, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्रीकुंज, शांतिकुंज, हरिद्वार को प्रदान किया गया। इंस्टिट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, कानपुर से महर्षि चरक आयुर्वेदा अनुसंधान एवं विकास योजना की राष्ट्रीय समन्वयक तथा असीमा आयुष राष्ट्रीय पुरस्कार की निर्णायक मण्डल की प्रतिनिधि के रूप में डॉ. सीमा द्विवेदी ने यह पुरस्कार देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्रीकुंज, शांतिकुंज, हरिद्वार के सम-कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या को प्रदान किया। यह सम्मान आरोग्यनाथ (अनादि, अनन्त, असीम भगवान शिव) की प्रेरणा से प्रारम्भ किया गया है, जो आयुष क्षेत्र में श्रेष्ठता, समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण तथा विविध चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय का प्रतीक है।
स्त्री एव प्रसूति रोग विभाग के वरि. डॉ सीमा द्विवेदी ने बताया कि इंस्टिट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, कानपुर द्वारा प्रतिवर्ष असीमा आयुष राष्ट्रीय पुरस्कार आयुष क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट योगदान के आधार पर प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार हेतु प्राप्त नामांकनों का सूक्ष्म परीक्षण विशेषज्ञ समीक्षकों द्वारा किया जाता है तथा निर्णायक मंडल (जूरी) की सर्वसम्मत अनुशंसा के पश्चात् अंतिम निर्णय लिया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार में 25,000/- रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि अब तक पाँच हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने योग विषय में स्नातक, स्नातकोत्तर, उपाधि तथा प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की शिक्षा प्राप्त की है, जबकि योग विषय में विद्वत्त उपाधि तथा विशिष्ट विद्वत्त उपाधि कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। संस्थान द्वारा अब तक 22 ग्रन्थ तथा 123 अनुसंधान लेख प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित किए जा चुके हैं। पिछले पाँच वर्षों में 28 विद्यार्थियों ने कनिष्ठ अनुसंधान छात्रवृत्ति तथा 120 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। संस्थान ने योग क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की है, विदेशी विद्यार्थियों हेतु योग, आयुर्वेद एवं वैकल्पिक चिकित्सा में उच्चतर उपाधि पाठ्यक्रम की शुरुआत की है, तथा आयुर्वेद, यज्ञ चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा, प्राणिक उपचार तथा पंचकर्म विषयों पर विशेष अनुसंधान व चिकित्सीय योजनाएँ प्रारम्भ की हैं। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विचारगोष्ठियों तथा सम्मेलनों का आयोजन भी निरन्तर किया जा रहा है।




